
‘अगर हादसा होता तो इतना दर्द नहीं होता…’ चंद्रनाथ की मां का छलका दर्द
Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा के आरोपों के बीच बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद अब चंद्रनाथ की मां हासिरानी रथ का दर्द छलक पड़ा है। बेटे की तस्वीर सामने रखकर रोती-बिलखती मां ने कहा कि वह हत्यारों को फांसी नहीं, बल्कि उम्रकैद की सजा चाहती हैं ताकि वे जिंदगीभर उसी दर्द को महसूस करें जो उनका परिवार झेल रहा है।
हासिरानी रथ ने भावुक स्वर में कहा, “मैं एक मां हूं… मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी हो। मैं चाहती हूं कि उन्हें उम्रकैद मिले, ताकि वे हर दिन तड़पें।” इतना कहते ही वह फफक पड़ीं। परिवार के लोग और आसपास मौजूद ग्रामीण उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन बेटे को खोने का दर्द उनकी आवाज में साफ झलक रहा था।
‘अगर हादसा होता तो इतना दर्द नहीं होता’
मां ने कहा कि अगर उनके बेटे की मौत किसी दुर्घटना में हुई होती तो शायद वह खुद को समझा लेतीं, लेकिन जिस तरह से उसे निशाना बनाकर गोली मारी गई, वह बेहद दर्दनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी। उनके मुताबिक पिछले कुछ समय से परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं।
हासिरानी रथ ने राजनीतिक दुश्मनी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब से शुभेंदु अधिकारी ने Mamata Banerjee को चुनाव में हराया, तभी से उनके परिवार पर खतरे मंडराने लगे थे। उन्होंने दावा किया कि कई बार अप्रत्यक्ष रूप से डराने-धमकाने की कोशिश भी की गई।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर इलाके के रहने वाले थे। वह करीब दो दशक तक भारतीय वायुसेना में रहे और बाद में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति से जुड़े। शांत स्वभाव और संगठनात्मक क्षमता के कारण वह जल्दी ही शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए। चुनावी रणनीति से लेकर राजनीतिक कार्यक्रमों तक, वह कई अहम जिम्मेदारियां संभालते थे।
बीजेपी नेताओं के मुताबिक चंद्रनाथ ने नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे चुनावों में भी अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी के भीतर उन्हें “मिस्टर डिपेंडेबल” कहा जाता था क्योंकि वह हर काम बेहद सटीक तरीके से संभालते थे।
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कैसे हुई हत्या?
जानकारी के अनुसार बुधवार रात चंद्रनाथ रथ अपने वाहन से घर लौट रहे थे। मध्यमग्राम के दोहड़िया इलाके के पास बाइक सवार हमलावरों ने उनकी एसयूवी को रोका और बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं। हमले में उनके ड्राइवर भी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि हमलावर पेशेवर लग रहे थे और वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक रेकी की गई थी।
जांच एजेंसियों को घटनास्थल से कई अहम सुराग मिले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर फर्जी नंबर प्लेट और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि मामले की जांच CID को सौंपे जाने की चर्चा भी तेज हो गई है।
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बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
इस हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। शुभेंदु अधिकारी ने इसे “कोल्ड ब्लडेड और प्री-प्लान्ड मर्डर” करार दिया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा दर्द उस मां की आंखों में दिखाई दे रहा है, जो सिर्फ इतना चाहती है कि उसके बेटे के हत्यारों को ऐसी सजा मिले, जिससे वे हर दिन अपने किए का दर्द महसूस करें।
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