Kolkata एयरपोर्ट पर बुलेट कांड… TMC पार्षद पर आर्म्स एक्ट के तहत केस

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस के पार्षद Amirul Sheikh Islam को कोलकाता एयरपोर्ट पर जिंदा कारतूस और खाली मैगजीन के साथ पकड़े जाने के कई महीनों बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिण 24 परगना जिले की पुजाली नगरपालिका के वार्ड नंबर 14 से पार्षद आमिरुल शेख इस्लाम के खिलाफ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला 21 सितंबर 2025 का है। उस दिन आमिरुल शेख इस्लाम Netaji Subhas Chandra Bose International Airport से इंडिगो की फ्लाइट 6E-5227 से यात्रा करने वाले थे। एयरपोर्ट पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ के अधिकारियों को उनके बैग में संदिग्ध सामान दिखाई दिया। जांच करने पर बैग से एक खाली मैगजीन और 7.65 एमएम के छह जिंदा कारतूस बरामद हुए।

सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू की। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जिंदा कारतूस मिलने के कारण मामला गंभीर माना गया। घटना के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे थे।

लाइसेंस होने का दावा, लेकिन दस्तावेज नहीं दिखा सके
पूछताछ के दौरान आमिरुल शेख इस्लाम ने दावा किया कि उनके पास हथियार का वैध लाइसेंस है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दस्तावेज तत्काल उनके पास नहीं हैं और उन्हें पेश करने के लिए थोड़ा समय चाहिए। चूंकि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि थे, इसलिए अधिकारियों ने उन्हें सात दिन का समय दिया।

लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर वह कोई वैध लाइसेंस या कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कई महीनों तक मामले की जांच चलती रही और आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि “आरोपी के पास जिंदा कारतूस पाए गए थे। उनसे संबंधित लाइसेंस या अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज नहीं दे सके। इसी आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।”

एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियां हुई थीं अलर्ट
घटना के समय एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुट गईं कि आखिर जिंदा कारतूस एयरपोर्ट तक कैसे पहुंच गए और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

हालांकि शुरुआती जांच में किसी आतंकी या आपराधिक नेटवर्क से सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को संवेदनशील मानते हुए सभी पहलुओं से जांच की। एयरपोर्ट सुरक्षा नियमों के तहत बिना अनुमति हथियार या कारतूस ले जाना गंभीर अपराध माना जाता है।

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राजनीति में मचा बवाल
इस गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर एक जनप्रतिनिधि के पास बिना वैध दस्तावेज के जिंदा कारतूस कैसे मिले और इतने महीनों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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आर्म्स एक्ट के तहत हो सकती है कड़ी कार्रवाई
कानूनी जानकारों के मुताबिक बिना वैध लाइसेंस के हथियार, मैगजीन या जिंदा कारतूस रखना आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर अपराध है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी को जेल और जुर्माने दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल पुलिस आमिरुल शेख इस्लाम से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कारतूस और मैगजीन उनके पास कहां से आए और क्या उनका इस्तेमाल किसी विशेष उद्देश्य के लिए किया जाना था। मामले की जांच अभी जारी है।

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