
AIIMS की तर्ज पर बनेगा विश्वभारती मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लोगों में उत्साह…
AIIMS: पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में जल्द ही स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Visva-Bharati University ने एम्स की तर्ज पर एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। प्रस्तावित संस्थान का नाम ‘विश्वभारती मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल’ हो सकता है।
यदि यह महत्वाकांक्षी परियोजना मंजूरी प्राप्त कर लेती है, तो शांतिनिकेतन केवल शिक्षा और संस्कृति का केंद्र ही नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल रिसर्च का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर सकता है। इस पहल को लेकर छात्रों, पूर्व छात्रों, आश्रमवासियों और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
बीरभूम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बनने से बीरभूम जिले सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को कोलकाता या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।
यदि शांतिनिकेतन में अत्याधुनिक अस्पताल बनता है, तो लोगों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक जांच सुविधाओं और उन्नत इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
AIIMS की तर्ज पर विकसित होगी व्यवस्था
विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को आधुनिक तकनीकों और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने की है। सूत्रों के अनुसार, यहां मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, रिसर्च सेंटर, मेडिकल लैब और छात्रों के लिए उन्नत शिक्षण व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
इसके अलावा मेडिकल छात्रों के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इससे पूर्वी भारत में चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम मिल सकता है।
छात्रों और स्थानीय लोगों में उत्साह
शांतिनिकेतन लंबे समय से शिक्षा, संस्कृति और कला के लिए विश्वभर में पहचान रखता है। अब मेडिकल कॉलेज की संभावना से स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
पूर्व छात्रों और आश्रमवासियों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। होटल, परिवहन, मेडिकल सेवाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
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केंद्र और राज्य स्तर पर मंजूरी की प्रक्रिया अहम
फिलहाल परियोजना प्रारंभिक चरण में बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं की मंजूरी आवश्यक होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और जरूरी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो आने वाले वर्षों में शांतिनिकेतन देश के प्रमुख मेडिकल शिक्षा केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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शिक्षा और स्वास्थ्य का नया संगम बनेगा शांतिनिकेतन
गुरुदेव Rabindranath Tagore द्वारा स्थापित शांतिनिकेतन हमेशा से ज्ञान, संस्कृति और मानवता के मूल्यों का प्रतीक रहा है। ऐसे में यहां मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना शिक्षा और सेवा के नए संगम के रूप में देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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