Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट पर उतरी पहली फ्लाइट, ज़मीन देने वाले किसान भी बने ‘हवाई सफर’ के गवाह

Noida International Airport पर इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ से सफलतापूर्वक लैंड हो गई है। वाटर कैनन से स्वागत के साथ ही 150 किसान भी सीएम योगी से मिलने लखनऊ उड़ान भरेंगे।

Noida International Airport First Flight: जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। सोमवार सुबह घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) की पहली कमर्शियल फ्लाइट ने इस नए नवेले रनवे पर लैंड किया। लखनऊ से उड़ान भरकर सुबह ठीक 8:05 बजे जब विमान नोएडा एयरपोर्ट पर उतरा, तो पारंपरिक ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ (पानी की तोपों से बौछार) देकर इसका भव्य स्वागत किया गया।

इस ऐतिहासिक पल के गवाह न सिर्फ देश के वीआईपी बने, बल्कि वे किसान भी बने जिन्होंने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीनें दी थीं।

पहली फ्लाइट से पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री

लखनऊ से नोएडा पहुंची इस पहली फ्लाइट में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना समेत प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री सवार थे। जेवर एयरपोर्ट पर विमान के लैंड होते ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, यूपी के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह और स्थानीय जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत किया।

ज़मीन देने वाले किसान भी करेंगे हवाई सफर

इस पूरे आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब जेवर एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले 150 किसान भी इस ऐतिहासिक दिन के सफर का हिस्सा बने। इनमें 20 महिला किसान भी शामिल हैं। ये सभी किसान नोएडा से लखनऊ के लिए उड़ान भरेंगे। लखनऊ पहुंचने के बाद यह किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा और जेवर क्षेत्र में हुए इस अभूतपूर्व विकास के लिए उनका आभार व्यक्त करेगा।

सिर्फ 20 मिनट में बोर्डिंग

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को लंबी दूरी पैदल न चलनी पड़े। एयरपोर्ट के टर्मिनल में एंट्री करने के बाद सुरक्षा जांच और महज़ 60 मीटर का कॉरिडोर पार करके यात्री 20 मिनट से भी कम समय में बोर्डिंग गेट तक पहुंच सकते हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के टी-3 टर्मिनल की तुलना में यह बेहद सुगम है, जहां यात्रियों को एंट्री से बोर्डिंग तक 15 से 30 मिनट सिर्फ पैदल चलना पड़ता है।

देश का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट

पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बने इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।यह एयरपोर्ट लगभग 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जो इसे क्षेत्रफल के हिसाब से देश का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इसका शिलान्यास किया था और स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल ने इसे विकसित किया है। पीएम मोदी ने 28 मार्च को इसका उद्घाटन किया था।जब इस एयरपोर्ट के सभी चारों फेज का निर्माण पूरा हो जाएगा, तब यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा।

Back to top button