इंसाफ की तलाश में राजधानी पहुंचीं मां-बेटी, आत्महत्या के प्रयास से मचा हड़कंप…

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में सोमवार को विधानसभा के सामने उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हरदोई जिले की रहने वाली एक युवती अपनी मां के साथ आत्महत्या करने पहुंच गई। विधानसभा परिसर के बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और पुलिसकर्मियों की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने तत्काल दोनों को हिरासत में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

घटना ने एक बार फिर उन लोगों की पीड़ा को उजागर कर दिया है, जो स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने की शिकायत करते हुए अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए राजधानी का रुख करते हैं। युवती का आरोप है कि उसकी शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

चाचा पर लगाया चोरी और मारपीट का आरोप
युवती हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र की निवासी है। उसने आरोप लगाया कि उसके चाचा ने घर में घुसकर चोरी की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस घटना से पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

युवती के अनुसार, घटना 11 जून को हुई थी। घटना के बाद उसने संडीला थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया।

युवती का कहना है कि उसने कई बार पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन ही मिला। कार्रवाई न होने से वह और उसका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था।

कार्रवाई न होने से बढ़ी नाराजगी
पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उनके सामने न्याय पाने का कोई रास्ता नजर नहीं आया।

परिजनों का कहना है कि लगातार उपेक्षा और सुनवाई न होने के कारण परिवार तनाव में था। इसी बीच युवती ने अपनी मां के साथ लखनऊ जाकर सीधे सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया।

विधानसभा के सामने पहुंचकर उठाया आत्मघाती कदम
सोमवार को मां-बेटी लखनऊ पहुंचीं और विधानसभा के सामने अपनी शिकायत को लेकर प्रदर्शन करने लगीं। इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या करने का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की नजर जैसे ही उन पर पड़ी, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया।

पुलिस ने बिना देर किए दोनों को रोक लिया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से बचा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दोनों को समझाने का प्रयास किया और बाद में पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल मच गई। विधानसभा जैसे संवेदनशील क्षेत्र के सामने आत्महत्या के प्रयास की खबर तेजी से फैल गई और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। संबंधित थाने से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि शिकायत में तथ्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवती की शिकायत पर स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई थी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी उचित कदम उठाए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें…

UP News: हापुड़ में गूगल मैप बना आफत, शादी में जा रहे परिवार को पहुंचाया नाले में

बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
राजधानी लखनऊ में अक्सर देखा जाता है कि विभिन्न जिलों से लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर विधानसभा, मुख्यमंत्री आवास या अन्य सरकारी कार्यालयों के बाहर पहुंच जाते हैं। कई बार शिकायतों का समाधान न होने और न्याय मिलने में देरी के कारण लोग भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं और आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और पीड़ितों की प्रभावी सुनवाई ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यह भी पढ़ें…

राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के लिए अयोध्या पहुंची SIT, 15 दिन में देगी फाइनल रिपोर्ट

फिलहाल सुरक्षित हैं मां-बेटी
पुलिस की तत्परता के कारण मां-बेटी को सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और उसे न्याय दिलाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

यह भी पढ़ें…

Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट पर उतरी पहली फ्लाइट, ज़मीन देने वाले किसान भी बने ‘हवाई सफर’ के गवाह

Back to top button