लखनऊ को मिली सबसे बड़ी सौगात! UP RERA ने 7 नए प्रोजेक्ट्स को दिखाई हरी झंडी

UP RERA News: यूपी रेरा (UP RERA) ने लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा सहित 7 जिलों में 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। जानिए आपके शहर में कितने नए फ्लैट और दुकानें बनने जा रही हैं।

UP RERA News: उत्तर प्रदेश में घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों और व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने राज्य के सात प्रमुख जिलों में 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं (Real Estate Projects) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

प्राधिकरण की इस मंजूरी के बाद सूबे में कुल 2,285.68 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश होने जा रहा है, जिससे राज्य भर में कुल 3,548 नए आवासीय (Residential) और व्यावसायिक (Commercial) यूनिट्स तैयार किए जाएंगे।

लखनऊ में सबसे बड़ा दांव

यूपी रेरा की इस 204वीं बैठक में, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की, राजधानी लखनऊ को सबसे बड़ी सौगात मिली है। पूरे प्रदेश में स्वीकृत कुल 14 प्रोजेक्ट्स में से अकेले 7 प्रोजेक्ट्स लखनऊ में आकार लेंगे। लखनऊ में बनने वाली इन 7 परियोजनाओं में 4 आवासीय और 3 व्यावसायिक स्कीमें शामिल हैं। इसके तहत शहर में आधुनिक फ्लैट, विला, कमर्शियल दुकानें और स्टूडियो स्पेस विकसित किए जाएंगे।

इन जिलों में निवेश का पूरा गणित

यूपी रेरा ने केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि एनसीआर (NCR) के शहरों और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के विकास को भी रफ्तार दी है। जिलों के हिसाब से निवेश और यूनिट्स का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

जिला कुल निवेश (करोड़ रुपये में) यूनिट्स की संख्या प्रोजेक्ट का प्रकार
गाजियाबाद ₹998.23 780 मिक्स्ड (आवासीय और दुकानें)
लखनऊ ₹711.15 1270 4 आवासीय, 3 व्यावसायिक (फ्लैट, विला, दुकानें)
बरेली ₹226.63 374 आवासीय (Residential)
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) ₹208.33 695 व्यावसायिक (दुकानें और स्टूडियो स्पेस)
मथुरा ₹71.35 268 आवासीय (Residential)
बाराबंकी ₹60.25 144 आवासीय (Residential)
वाराणसी ₹9.74 17 आवासीय (Residential)

रोजगार के नए अवसरों की खुलेगी खिड़की

इन 14 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने से न सिर्फ उत्तर प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि राज्य में व्यापक स्तर पर रोजगार (Employment Opportunities) के नए मौके भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य शुरू होने से सीमेंट, सरिया जैसी निर्माण सामग्री, परिवहन (Transport) और इंजीनियरिंग सेवाओं के क्षेत्र में भारी मांग देखने को मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर गति मिलेगी।

पारदर्शी प्रक्रिया पर रेरा का जोर

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बैठक के दौरान कहा कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह से उपभोक्ता-केंद्रित (Consumer-Centric) रियल एस्टेट माहौल तैयार करना है। नियमों के दायरे में आने वाली सभी वैध परियोजनाओं को बिना किसी देरी के समयबद्ध तरीके से मंजूरी दी गई है ताकि खरीदारों को समय पर उनके घर और दुकानें मिल सकें।

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