क्रॉस-वोटिंग के डर से NDA की घेराबंदी तेज, होटल में शिफ्ट होंगे सभी विधायक…

Rajya Sabha Election 2026: झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। चुनावी गणित में किसी भी तरह की गड़बड़ी, क्रॉस-वोटिंग या राजनीतिक सेंधमारी की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने सभी विधायकों को होटल में शिफ्ट करने का फैसला किया है।

भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय तक रांची के रेडिसन होटल पहुंच जाएं। मतदान के दिन सभी विधायक एक साथ होटल से विधानसभा के लिए रवाना होंगे और सामूहिक रूप से मतदान करेंगे। इस रणनीति को राजनीतिक हलकों में ‘फेंसिंग’ या ‘घेराबंदी’ की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चौकसी
राज्यसभा चुनाव आमतौर पर राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जाता है। ऐसे चुनावों में विधायकों की संख्या और उनकी एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण होती है। झारखंड में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि दोनों प्रमुख गठबंधन अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों में संभावित टूट और क्रॉस-वोटिंग की चर्चाओं ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से NDA ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने विधायकों को एक स्थान पर रखने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी प्रकार के राजनीतिक संपर्क या दबाव की संभावना को कम किया जा सके।

रेडिसन होटल बनेगा राजनीतिक केंद्र
मंगलवार दोपहर तक सभी NDA विधायकों को रांची स्थित रेडिसन होटल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। यहां उनके ठहरने, बैठक और रणनीतिक चर्चाओं की व्यवस्था की गई है। 18 जून को मतदान के दिन सभी विधायक एक साथ होटल से विधानसभा पहुंचेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम केवल संख्या बल को सुरक्षित रखने के लिए नहीं, बल्कि विधायकों के बीच समन्वय और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी उठाया गया है।

कांग्रेस भी सतर्क, विधायकों पर नजर
दूसरी ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल भी पूरी तरह सतर्क हैं। विपक्षी खेमे में भी विधायकों को एकजुट रखने के लिए लगातार बैठकें और संवाद किए जा रहे हैं। विशेष रूप से निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के चुनावी समीकरणों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

कांग्रेस नेतृत्व यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि उसके सभी विधायक पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करें। पार्टी को आशंका है कि यदि एक भी वोट इधर-उधर हुआ तो चुनावी परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

राज्यसभा चुनाव क्यों है महत्वपूर्ण?
राज्यसभा चुनाव केवल संसद के उच्च सदन में प्रतिनिधित्व का मामला नहीं होता, बल्कि यह किसी राज्य में राजनीतिक दलों की संगठनात्मक मजबूती और विधायकों पर पकड़ का भी परीक्षण माना जाता है। यही वजह है कि छोटे राज्यों में भी ऐसे चुनावों के दौरान राजनीतिक गतिविधियां काफी बढ़ जाती हैं।

झारखंड में भी यह चुनाव कई राजनीतिक संदेश देने वाला माना जा रहा है। एक ओर NDA अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं विपक्ष अपनी ताकत और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना चाहता है।

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क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं ने बढ़ाई चिंता
भारतीय राजनीति में राज्यसभा चुनावों के दौरान कई बार क्रॉस-वोटिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में राजनीतिक दल मतदान से पहले अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की रणनीति अपनाते हैं। झारखंड में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, लेकिन मतदान से पहले विधायकों को होटल में शिफ्ट करने का फैसला यह दर्शाता है कि राजनीतिक दल किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।

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18 जून पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर 18 जून को होने वाली वोटिंग पर है। चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि दोनों सीटों पर किस गठबंधन की रणनीति सफल रही। फिलहाल झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं।

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