
UP News: अब आधार से साबित नहीं होंगे पारिवारिक रिश्ते, यूपी में बदले रजिस्ट्री के नियम
UP Registry Rules Change: यूपी में संपत्ति की रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। महानिरीक्षक निबंधन के आदेशानुसार अब आधार कार्ड को केवल पहचान और पते का प्रमाण माना जाएगा, पारिवारिक रिश्तों का नहीं।
UP Registry Rules Change: उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-बिक्री और जमीन-मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के नए आदेश के अनुसार, अब रजिस्ट्री कार्यालयों में आधार कार्ड को केवल पहचान (Identity) और पते (Address) के प्रमाण के रूप में ही स्वीकार किया जाएगा। आधार कार्ड पर छपे माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य पारिवारिक संबंधों की जानकारी को अब कानूनी रूप से रिश्तों का सत्यापन (Verification) नहीं माना जाएगा।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश की महानिरीक्षक निबंधन (Inspector General of Registration) नेहा शर्मा ने राज्य के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों और सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रिश्तों की पुष्टि के लिए देने होंगे ये दस्तावेज
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, यदि किसी भी आवेदन, सरकारी योजना या संपत्ति विलेख (Deed) में पारिवारिक संबंधों को सत्यापित करना अनिवार्य होगा, तो आवेदकों को अन्य वैध सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आधार कार्ड के स्थान पर अब निम्नलिखित दस्तावेजों को ही रिश्तों का वैध प्रमाण माना जाएगा।
-
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
-
परिवार रजिस्टर की नकल (Family Register Copy)
-
उत्तराधिकारी संबंधी कानूनी अभिलेख (Succession Certificate / Heirship Documents)
-
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य राजस्व या सिविल दस्तावेज
क्यों लिया गया ये फैसला?
अब तक उत्तर प्रदेश में पारिवारिक संपत्तियों के हस्तांतरण, वसीयत, विरासत या उत्तराधिकार के मामलों में लोग अक्सर आधार कार्ड के पीछे दर्ज पारिवारिक जानकारी को ही रिश्तों के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल कर लेते थे।
महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पहले ही साफ कर दिया है कि आधार कार्ड केवल एक विशिष्ट पहचान और पते का दस्तावेज है, यह किसी के पारिवारिक संबंधों या नागरिकता को प्रमाणित नहीं करता है। इसी स्पष्टीकरण को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के निबंधन विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है।
रजिस्ट्री से पहले कर लें तैयारी
यदि आप परिवार के भीतर किसी संपत्ति का ट्रांसफर या वसीयत कराने जा रहे हैं, तो केवल आधार कार्ड के भरोसे न रहें। रजिस्ट्री की तारीख से पहले अपने जन्म प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल जैसे आवश्यक दस्तावेज जरूर तैयार कर लें।
धोखाधड़ी और संपत्ति विवादों पर लगाम?
निबंधन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस नए नियम के लागू होने से रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। अक्सर पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे या ट्रांसफर में गलत रिश्तों या अधूरी जानकारियों के आधार पर धोखाधड़ी के मामले सामने आते थे। अब अन्य पुख्ता सरकारी दस्तावेजों की मांग से फर्जीवाड़े और भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सकेगा।





