Oman में तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, hormuz में जहाजों की टक्कर से बढ़ा संकट…

West Asia Crisis: वेस्ट एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। ओमान के पास समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमले की खबर सामने आई है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों की टक्कर के बाद बचाव अभियान चलाया गया। इसी बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी (Maritime Interdiction Operations) दोबारा शुरू की जाएगी। इन घटनाओं ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

ओमान के पास तेल टैंकर पर मिसाइल हमला
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, ओमान के लिमाह (Limah) क्षेत्र के दक्षिण-पूर्व में समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया गया। घटना के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है। साथ ही, टैंकर को हुए नुकसान, चालक दल की स्थिति या किसी संभावित हताहत की आधिकारिक पुष्टि भी अभी तक नहीं हुई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की नई घोषणा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर 14 जुलाई को अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी दोबारा शुरू की जाएगी।

CENTCOM के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों की टक्कर
इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के केश्म (Qeshm) द्वीप के उत्तर में दो जहाजों की टक्कर हो गई। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, टक्कर के बाद एक बल्क कैरियर जहाज के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें तेजी से पानी भरने लगा।

स्थिति गंभीर होने पर जहाज के कप्तान ने तत्काल आपातकालीन निकासी का आदेश दिया। इसके बाद ईरानी राहत एवं बचाव एजेंसियों ने जहाज पर मौजूद 23 विदेशी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर केश्म द्वीप पहुंचाया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल और गैस के बड़े हिस्से की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों तक ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह जलमार्ग बेहद अहम माना जाता है।

यही वजह है कि यहां होने वाली किसी भी सैन्य या सुरक्षा संबंधी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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वैश्विक बाजारों की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता है या समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाएं जारी रहती हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के बीमा खर्च और परिवहन लागत में भी बढ़ोतरी संभव है।

दुनिया की कई सरकारें और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां होर्मुज क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रियाएं इस संकट की दिशा तय कर सकती हैं।

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फिलहाल क्या स्थिति है?
तेल टैंकर पर मिसाइल हमले की जांच जारी है और अब तक किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं, अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात सामान्य होते हैं या तनाव और बढ़ता है।

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