
कोरोना फिर दे रहा दस्तक! आंध्र प्रदेश में 4 मौतों के बाद बढ़ी चिंता, जानें देश में कितने केस…
Coronavirus Update: कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। देशभर में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं…. आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान कोविड-19 के 12 मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मृतकों को पहले से गंभीर बीमारियां थीं। वहीं उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी सांस लेने में परेशानी के बाद एक युवक की जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत में देशव्यापी नई कोरोना लहर के संकेत नहीं हैं। हालिया राष्ट्रीय रिपोर्टों में संक्रमण की बढ़ोतरी को कुछ इलाकों और राज्यों तक सीमित बताया गया है। 16 जुलाई तक देश में 441 नए कोविड मामले दर्ज किए गए थे और उस अपडेट में कोई नई मौत रिपोर्ट नहीं हुई थी।
आंध्र प्रदेश में 12 केस, 4 मरीजों की मौत
आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच कोरोना के 12 मामले सामने आए। इनमें से चार मरीजों की मौत हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मृतकों को पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं और संक्रमण के मामले किसी एक क्लस्टर से जुड़े नहीं पाए गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, मृत मरीजों में पहले से मौजूद बीमारियों का असर भी था। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। राज्य में निगरानी और जांच व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
वाराणसी में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि
आंध्र प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी से भी कोरोना संक्रमण की खबर सामने आई है। सांस लेने में परेशानी के बाद एक युवक की जांच कराई गई, जिसमें कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई।
IMS BHU से जुड़े अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि कोरोना वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वाराणसी शहर में अब तक कुल चार मरीजों के संक्रमित पाए जाने की बात सामने आई है।
देशभर में कोरोना की क्या स्थिति है?
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हालिया आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई तक भारत में 441 नए कोविड मामले दर्ज किए गए थे और उस अपडेट में कोई नई मौत नहीं हुई थी। हालिया विश्लेषणों में विशेषज्ञों ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में मामलों में बढ़ोतरी जरूर दिख रही है, लेकिन इसे फिलहाल स्थानीय या क्षेत्रीय बढ़ोतरी माना जा रहा है।
यानी अभी तक ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है, जिसे देशभर में कोरोना की नई लहर कहा जाए। फिर भी आंध्र प्रदेश में हुई मौतों और अलग-अलग राज्यों में सामने आ रहे मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।
महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में भी निगरानी बढ़
आंध्र प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र में भी कोविड संक्रमण के मामले फिर से सामने आने की रिपोर्टें आई हैं। पुणे में हालिया संक्रमण को लेकर डॉक्टरों ने सतर्कता की सलाह दी है, हालांकि फिलहाल गंभीर नई लहर के संकेत नहीं बताए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण का पैटर्न अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकता है। इसलिए राज्यों को टेस्टिंग, निगरानी और अस्पतालों की तैयारियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
कोरोना खत्म नहीं हुआ, वायरस अब भी मौजूद
कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में यह वायरस नया था। आम लोगों के शरीर में इसके खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं थीं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए।
इसके बाद कोरोना की अलग-अलग लहरों और वैक्सीनेशन के चलते लोगों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई। यही वजह है कि आज कई संक्रमित मरीजों में बीमारी हल्के लक्षणों के साथ रहती है। हालांकि, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में खतरा अब भी ज्यादा हो सकता है।
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सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत कराएं जांच
अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, लगातार बुखार, खांसी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही है, तो उसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर हाई रिस्क ग्रुप के लोगों को ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर कोविड जांच भी कराई जानी चाहिए।
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पैनिक नहीं, लेकिन लापरवाही भी नहीं
आंध्र प्रदेश में 12 मामले और चार मौतें, वाराणसी में संक्रमण और देश के कुछ हिस्सों में कोविड मामलों में बढ़ोतरी ने कोरोना को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। लेकिन उपलब्ध राष्ट्रीय आंकड़ों और विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक, फिलहाल भारत में देशव्यापी नई कोरोना लहर की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का संदेश साफ है—पैनिक करने की जरूरत नहीं, लेकिन कोरोना को हल्के में भी न लें। खासतौर पर बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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