
‘धरना खत्म करें’… सरकार की अपील पर प्रदर्शनकारियों का जवाब, रखी ये तीन मांग
CJP Protest: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘चलो संसद’ आह्वान और प्रदर्शन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का नया दौर शुरू हो गया है। CJP की ओर से दावा किया गया है कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था। वहीं केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कहा है कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को जेपी नड्डा के सामने रखा गया है।
सौरव दास बोले- मांगों पर सही स्तर पर बात का भरोसा
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह और आशुतोष रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या बर्खास्तगी समेत प्रदर्शनकारियों की सभी प्रमुख मांगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
🚨#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Nadda’s residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
सौरव दास के मुताबिक, जेपी नड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इन मांगों पर सही स्तर पर बातचीत की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी मांग को लेकर कोई ठोस वादा नहीं किया गया है।
CJP प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोग तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
जंतर-मंतर पर कार्रवाई न होने का भी दावा
सौरव दास ने यह भी दावा किया कि जेपी नड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोई खबर नहीं मिली है।
CJP की ओर से जेपी नड्डा को एक कथित लिखित पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगों का जिक्र किया गया है।
CJP की तीन प्रमुख मांगें क्या हैं?
- 1. सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी
CJP की पहली मांग सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने की है। इसके साथ ही पार्टी ने आंदोलन को लेकर उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग रखी है। - 2. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी
दूसरी प्रमुख मांग केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से बर्खास्त करने की है। CJP का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। - 3. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा
CJP ने NEET 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन परिवारों को आर्थिक सहायता और न्याय मिलना चाहिए।
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जेपी नड्डा ने क्या कहा?
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीर साझा कर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि पहली बार सुबह प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था।
आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
जेपी नड्डा के मुताबिक, सुबह 11:50 बजे से बातचीत जारी थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तार से मौखिक चर्चा हुई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल की ओर से करीब 4 बजे उन्हें लिखित याचिका भी दी गई।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।
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बातचीत के बाद भी जारी है प्रदर्शन
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात के बाद बातचीत का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की ओर से साफ कर दिया गया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। CJP का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन तीनों मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या बातचीत के बाद ‘चलो संसद’ अभियान और धरने को लेकर कोई समाधान निकलता है।
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