
UP News: दो पत्नियों के विवाद में पंचायत का अनोखा फैसला, पति तीन-तीन दिन रहेगा दोनों के साथ
रामपुर में दो पत्नियों के विवाद में पंचायत का अनोखा फैसला। हफ्ते में 3-3 दिन बंटा पति, 7वें दिन रहेगी खुद की मर्जी।
UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है। दो पत्नियों के बीच अधिकारों और समय को लेकर मचे घमासान के बाद जब मामला पुलिस और पंचायत के पास पहुंचा, तो पंचों ने इस पारिवारिक कलह को सुलझाने के लिए एक बड़ा ही अजीबोगरीब समझौता करा दिया।
पंचायत के इस फैसले के मुताबिक, अब पति हफ्ते में तीन-तीन दिन अपनी दोनों पत्नियों के साथ बिताएगा, जबकि हफ्ते के सातवें दिन उसे अपनी मर्जी से रहने की छूट दी गई है।
बेटे की चाहत में की थी दूसरी शादी
पूरा मामला रामपुर जिले के दढ़ियाल चौकी क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, युवक की पहली शादी 14 साल पहले उत्तराखंड की एक युवती से हुई थी, जिनसे उनकी दो बेटियां हैं। शादी के करीब 10 साल बाद बेटे की चाहत में युवक ने पहली पत्नी को बताए बिना दूसरी शादी कर ली। हालांकि, दूसरी पत्नी से भी उसकी दो बेटियां ही हुईं। दूसरी शादी के बाद पति ने अपनी पहली पत्नी की पूरी तरह अनदेखी शुरू कर दी और ज्यादातर समय दूसरी पत्नी के साथ ही रहने लगा।
पुलिस चौकी पहुंचा मामला तो बुलाई गई पंचायत
लंबे समय से आर्थिक तंगी और पति की उपेक्षा झेल रही पहली पत्नी न्याय की गुहार लगाने दढ़ियाल पुलिस चौकी पहुंच गई। जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की, दोनों पक्षों के रिश्तेदार और गांव के संभ्रांत लोग वहां पहुंच गए। थाने-चौकी का चक्कर काटने के बजाय मामले को आपस में निपटाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई।
पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पंचों ने एक लिखित समझौता पत्र तैयार करवाया:
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पति हफ्ते के 3 दिन पहली पत्नी के साथ और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा।
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हफ्ते का सातवां दिन पति के लिए आरक्षित रखा गया है, जिस दिन वह किसी भी पत्नी के दबाव के बिना अपनी मर्जी से रह सकता है।
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पंचायत ने रहने के दिन तय करने के साथ ही पहली पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण के लिए पति पर सख्त आर्थिक शर्तें भी लगाई हैं।
लिखित समझौते पर दोनों पत्नियों और पति के हस्ताक्षर कराए जाने के बाद यह विवाद सुलझ गया है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में जोरों पर है।





