‘UAPA-NSA से नहीं डरेंगे’, CJP का ऐलान; अमित शाह के घर हाई लेवल मीटिंग…

CJP Protest Latest News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारी राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर के पास डटे हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर एक हाई लेवल बैठक जारी रहने की खबर सामने आई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन की मौजूदा स्थिति, कानून-व्यवस्था और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

CJP का दावा- सरकार बातचीत के लिए तैयार
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं का दावा है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

‘UAPA या NSA लगा दें, आंदोलन नहीं रुकेगा’
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए चाहे UAPA या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसे कठोर कानूनों का इस्तेमाल किया जाए, प्रदर्शनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करना है।

रांका ने कहा कि देशभर के छात्र और अभिभावक इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास बुधवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी जुटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है।

संसद में भी गूंजा मामला
उधर, संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी NEET पेपर लीक का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग की। इस मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसके कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

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बातचीत से निकल सकता है समाधान
सरकार और CJP के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि यदि दोनों पक्ष कुछ मुद्दों पर सहमति बनाते हैं तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। हालांकि CJP ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

अब सभी की निगाहें सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि बातचीत सकारात्मक रही तो लंबे समय से जारी इस गतिरोध का समाधान निकल सकता है, लेकिन यदि सहमति नहीं बनती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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