
UPEIDA को भूमि हस्तांतरण को मंजूरी, झांसी में डिफेंस निवेश की राह हुई आसान…
UP Defence Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के महत्वाकांक्षी यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को नई गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में झांसी नोड में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के रक्षा निवेश का रास्ता साफ करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत नकेरा माइनर और गेन्दा कबूला माइनर से संबंधित भूमि को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से लंबे समय से लंबित रक्षा परियोजनाओं को गति मिलेगी और झांसी नोड देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
3500 करोड़ के निवेश को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के अनुसार, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद झांसी नोड में प्रस्तावित लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी परियोजनाओं का कार्य तेज हो सकेगा। अब तक भूमि संबंधी औपचारिकताओं के कारण कई निवेश योजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद इन बाधाओं को दूर कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि इससे रक्षा उपकरण, हथियार, गोला-बारूद और अत्याधुनिक सैन्य तकनीक से जुड़े उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों के लिए निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
UPEIDA को सौंपी जाएगी भूमि
कैबिनेट के फैसले के तहत नकेरा माइनर और गेन्दा कबूला माइनर से संबंधित भूमि UPEIDA को हस्तांतरित की जाएगी। यही प्राधिकरण यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का जिम्मा संभाल रहा है।
भूमि हस्तांतरण के बाद औद्योगिक प्लॉटों का विकास, सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा, जिससे निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में आसानी होगी।
रक्षा निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा झांसी
यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड—लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, चित्रकूट और झांसी—में झांसी को रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित यह नोड बड़े भूमि क्षेत्र, बेहतर कनेक्टिविटी और रक्षा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए अनुकूल वातावरण के कारण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से झांसी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर भी एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
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रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि रक्षा उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार मिलेगा, जबकि छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, मशीन निर्माण और अन्य सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मिलेगा बल
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती देने वाला माना जा रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उद्देश्य देश में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को रक्षा उत्पादन एवं निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।
राज्य सरकार का कहना है कि झांसी नोड में निवेश का रास्ता साफ होने से उत्तर प्रदेश रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा आने वाले वर्षों में यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल होगी।
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