
UP News: यूपी में खाकी शर्मसार, 2 दिन थाने में बर्बरता फिर सड़क पर मरने के लिए छोड़ा
लखीमपुर खीरी में पुलिस पूछताछ के बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता और पिटाई का गंभीर आरोप लगाया है।
UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पुलिस ने एक बार फिर से शर्मशार किया है. शारदानगर थाना में पुलिस कस्टडी में एक युवक की मौत हो गई. मामूली विवाद में पहले 20 साल युवक को थाने में रखा, फिर परिवारवालों को फोन कर अधमरे स्थिति में सुनसान सड़क पर छोड़कर भाग गए. मृतक की पहचान शिव कुमार के रूप में हुई है. ये फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के मूलचंद्र पुरवा का रहने वाला था. परिजनों का कहना है पुलिस ने पीट-पीट कर बच्चे की जान ले लिया.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मी युवक को थाने/चौकी ले गए, जहां उसे घंटों हिरासत में रखकर बेरहमी से पीटा गया।
परिजनों का आरोप है कि जब पुलिस की पिटाई से युवक की हालत बेहद नाजुक हो गई, तो पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में उसे छोड़ दिया या परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घर पहुंचते ही युवक की तबीयत और बिगड़ गई। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का गुस्सा फूटा
युवक की मौत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिजनों ने शरीर पर चोट के निशानों का हवाला देते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि बेटे को पुलिस सही-सलामत ले गई थी। थाने में उसके साथ जानवरों जैसी बर्बरता की गई। पुलिस की पिटाई से ही उसकी जान गई है। जब तक दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं होती, हम न्याय के लिए संघर्ष करेंगे।
पुलिस प्रशासन की सफाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएंगे।





