
सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश, अस्पताल से छुट्टी के बाद राजघाट से करेंगे नई शुरुआत…
Sonam Wangchuk: परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लंबे समय तक अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। करीब 26 दिन के अनशन के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अस्पताल से बाहर आते ही वांगचुक ने घोषणा की कि वह सबसे पहले राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उसके बाद अपने गृह राज्य लद्दाख लौटेंगे।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी दी। उन्होंने अपने समर्थकों, शुभचिंतकों और इलाज करने वाले डॉक्टरों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
AND FINALLY….
I’m being discharged from the hospital. Will be going to Rajghat to pay tribute to Mahatma Gandhi and then back to the mountains.
Thank you all and BIG THANK YOU to the wonderful team of doctors and staff at Medanta Hospital Gurgaon. pic.twitter.com/BBp5k6JY9X— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 27, 2026
मेदांता अस्पताल की टीम का जताया आभार
वांगचुक ने अपने संदेश में लिखा कि आखिरकार उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल रही है और वह पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और पूरे मेडिकल स्टाफ का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। साथ ही उन सभी लोगों के प्रति भी आभार जताया जिन्होंने अनशन के दौरान उनका समर्थन किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
“अब शरीर में लौट रही है ताकत”
अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उनकी तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने धीरे-धीरे भोजन करना शुरू कर दिया है और शरीर में ताकत वापस आने लगी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना है। इसके बाद वह लद्दाख लौटेंगे और आगे की गतिविधियों पर काम करेंगे।
राजघाट से जुड़ी आंदोलन की शुरुआत
वांगचुक ने कहा कि इस आंदोलन की शुरुआत भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई थी। उन्होंने याद दिलाया कि जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करने से पहले वह अपने साथियों के साथ राजघाट गए थे और वहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ही आंदोलन का आगाज किया था। इसलिए आंदोलन के समापन के बाद भी वह उसी स्थान पर जाकर श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।
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26 दिन तक चला अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। उनका अनशन लगातार 26 दिनों तक चला। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बाद में 24 जुलाई को उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। इसके बाद से उनका इलाज चल रहा था और स्वास्थ्य में सुधार के बाद सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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आंदोलन ने खींचा था देशभर का ध्यान
सोनम वांगचुक के अनशन और आंदोलन ने देशभर में व्यापक चर्चा बटोरी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन लंबे समय तक सुर्खियों में रहा। अब अस्पताल से स्वस्थ होकर बाहर आने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आगे भी समाज और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उनका प्रयास जारी रहेगा।
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