Stock Market: बम-बम बोल रहा शेयर बाजार, सेंसेक्स 788000 के पार

आज सावन के पहले सोमवार के दिन शेयर बाजार में हरियाली छाई हुई है और निवेशक भी गदगद हैं. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखी जा रही है.

Stock Market Opening: आज यानी 3 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल (Crude Oil) में आई भारी गिरावट के माहौल के बीच हुई है। मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव और भू-राजनीतिक उथल-पुथल का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों और कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 से 6 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट (Crude Oil Crash) दर्ज की गई है, जिससे भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) में निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।

कच्चे तेल (Crude Oil) में गिरावट

वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और डब्ल्यूटीआई (WTI Crude) के दामों में अचानक बड़ा क्रैश देखने को मिला है।अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत (Diplomatic Talks) की संभावनाओं और मिडिल ईस्ट में संभावित युद्ध के टलने की उम्मीदों के कारण कच्चे तेल में बिकवाली देखने को मिली।

व्यापारियों और निवेशकों को लग रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आपूर्ति बाधित होने का जोखिम फिलहाल कम हुआ है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरी हैं।

शेयर बाजार (Sensex & Nifty) पर असर

कच्चे तेल के सस्ते होने से भारत जैसे तेल आयातक (Oil Importing Country) देश को बड़ी राहत मिलती है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) का माहौल है:

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोलियम रिफाइनिंग और पेंट कंपनियों के शेयरों में हलचल देखी जा रही है। कच्चे तेल के सस्ते होने से महंगाई घटने की उम्मीद बढ़ती है, जिसका सीधा फायदा बैंकिंग और ऑटोमोबाइल्स सेक्टर को मिलता है। भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अभी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

एक्सपर्ट्स की राय है कच्चे तेल में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मार्जिन के लिए सकारात्मक है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में धीरे-धीरे (SIP मोड) निवेश करना चाहिए।”

आज 3 अगस्त को कच्चे तेल में आई 6% की गिरावट ने बाजार को थोड़ी राहत दी है, लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच बदलती परिस्थितियों पर दुनियाभर के निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में क्रूड की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।

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