
सत्र शुरू होते ही सपा विधायकों का हंगामा, विधानसभा के बाहर हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र (Monsoon Session) का आगाज होते ही राजधानी लखनऊ का सियासी पारा चढ़ गया है। सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायकों और विधान पार्षदों (MLCs) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सपा विधायक हाथों में तख्तियां, बैनर और ‘दान पात्र’ लेकर विधानसभा परिसर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की।
इन मुद्दों को लेकर सपा ने खोला मोर्चा
विपक्ष (समाजवादी पार्टी) के विधायकों ने राज्य सरकार को घेरने के लिए कई जनहितैषी और राजनीतिक मुद्दों को अपना हथियार बनाया। सपा विधायकों ने सांकेतिक ‘दान पात्र’ लेकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
प्रदेश में जारी बिजली कटौती, किसानों को खाद-बीज की किल्लत और छुट्टा मवेशियों की समस्या पर नारेबाजी की गई। NEET पेपर लीक और युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर विधायकों ने सरकार विरोधी तख्तियां लहराईं।
क्या बोले शिवपाल यादव?
सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मीडिया से बात करते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कराने से बच रही है। प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और बिजली की किल्लत जैसी तमाम बड़ी समस्याएं हैं। लेकिन सरकार महज 3 दिनों का छोटा सत्र बुलाकर औपचारिक काम निपटाना चाहती है और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने से भाग रही है।
सत्ता पक्ष का पलटवार
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष केवल मीडिया में बने रहने के लिए गैर-जरूरी हंगामा कर रहा है।सुरेश खन्ना ने कहा विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है। प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं, लेकिन विपक्ष जानबूझकर भ्रामक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के अनुसार, इस मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) भी सदन के पटल पर रखेगी। मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश विधानसभा के भीतर तीखी बहस और सियासी घमासान देखने को मिलेगा।





