
UP News: रैगिंग के मामलों में बिहार दूसरे स्थान पर, यूपी में सबसे चौंकाने वाले आंकड़े
देशभर में उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं 2022 की तुलना में 2024 में बढ़ी हैं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) ने चार वर्षों के आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बिहार रैगिंग मामलों में देश भर में दूसरे स्थान पर है।
UP News: देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। संसद में केंद्र सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश रैगिंग शिकायतों के मामले में देश में पहले स्थान पर है, जबकि बिहार दूसरे स्थान पर है। ये आंकड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों पर आधारित हैं।
2022 से 2026 तक क्या कहते हैं आंकड़े?
शिक्षा मंत्रालय की ओर से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2022 से 22 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश में 825 रैगिंग शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद बिहार में 400, पश्चिम बंगाल में 489, मध्य प्रदेश में 422 और महाराष्ट्र में 307 शिकायतें दर्ज की गईं।
सिर्फ 2024 में कितने मामले आए?
सरकार के अनुसार, 2024 में पूरे देश में 963 रैगिंग शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें:
उत्तर प्रदेश – 251
बिहार – 122
मध्य प्रदेश – 117
पश्चिम बंगाल – 102
महाराष्ट्र – 89
रैगिंग के मामलों में उत्तर प्रदेश और बिहार लगातार शीर्ष राज्यों में बने हुए हैं।
The New Indian Express
2026 में अब तक क्या स्थिति है?
22 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक:
उत्तर प्रदेश – 135 शिकायतें
पश्चिम बंगाल – 75 शिकायतें
मध्य प्रदेश – 63 शिकायतें
महाराष्ट्र – 53 शिकायतें
बिहार – 50 शिकायतें
दर्ज की गई हैं।
सरकार ने क्या कहा?
लोकसभा में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बताया कि रैगिंग रोकने के लिए यूजीसी के दिशा-निर्देश लागू हैं। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉड, जागरूकता अभियान और शिकायत निवारण तंत्र अनिवार्य किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ यूजीसी कार्रवाई भी कर रही है।
यूजीसी की सख्ती जारी
यूजीसी ने एंटी-रैगिंग नियमों का पालन नहीं करने वाले कई संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





