
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद मे 2 करोड़ सदस्य बनाने की तैयारी: गोपाल राय
राष्ट्रीय महामंत्री एवं महाराष्ट्र प्रदेश प्रभारी बने इंद्रेश राय
लखनऊ/महाराष्ट्र : विश्व हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा ठाणे वेस्ट में आयोजित “जागो हिन्दू जागो” कार्यक्रम के दौरान VHRP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने सनातन संस्कृति, हिंदू समाज की एकता, संगठन की मजबूती और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित, संस्कारित और जागरूक समाज ही अपनी संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा कर सकता है।
“जागो हिन्दू जागो” अभियान का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना है। विश्व हिन्दू रक्षा परिषद निरंतर हिंदू समाज के उत्थान, सनातन मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संगठन के कार्यालय में समय-समय पर लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़े अनेक मामले सामने आते रहते हैं। जिनका निस्तारण श्री गोपाल राय द्वारा किया जाता है |
गोपाल राय ने कहा कि हिन्दू बेटियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को देखते हुए संगठन ने विभिन्न देशों में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर हिन्दू समाज को संगठित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वनाथ शास्त्री, बेल्जियम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोएनराड एल्स्ट, नीदरलैंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष महादेव सिंह, मलेशिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद सिंह यादव, ब्राजील के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव शर्मा, यूक्रेन की राष्ट्रीय अध्यक्ष लीडिया लक्ष्मी, श्रीलंका के राष्ट्रीय अध्यक्ष पमल्क मन्जित करुणानायक तथा इंडोनेशिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी धर्मेश जी सहित अनेक देशों में संगठन का विस्तार किया गया है तथा वहाँ राष्ट्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। और आज श्री गोपाल राय द्वारा इंद्रेश राय को संगठन का राष्ट्रीय महामंत्री एवं महाराष्ट्र का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया किया है |
राय ने अपने संबोधन में गोपाल राय ने लव जिहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए देश की बेटियों से जागरूक, सतर्क एवं शिक्षित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने हिन्दू समाज से संगठित होकर समाज एवं संस्कृति की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि धर्मांतरण को रोकना केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।





