वंदे मातरम् विवाद में कूदा उद्धव गुट, आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर दागे तीखे सवाल…

Vande Mataram: वंदे मातरम् के दो अंतरे गाने के कांग्रेस के फैसले पर सियासी घमासान तेज, आदित्य ठाकरे ने बीजेपी के ऐतिहासिक जुड़ाव और संसद में सरकार की मौजूदगी पर उठाए सवाल।

Maharashtra: कांग्रेस के वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के इस निर्णय पर बीजेपी लगातार हमला बोल रही है। इसी बीच उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का रुख वंदे मातरम् को लेकर साफ है और बीजेपी को इस मुद्दे पर सवालों का जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी हमलावर
कांग्रेस ने फैसला किया है कि वह वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाएगी। पार्टी के इस फैसले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वंदे मातरम् देश की राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है।

वहीं, कांग्रेस अपने फैसले को ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
कांग्रेस के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी का स्टैंड स्पष्ट है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वंदे मातरम् से संबंधित बिल लोकसभा में पेश किया जा रहा था, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में मौजूद क्यों नहीं थे।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी की आपत्ति इसी बात को लेकर है। उन्होंने वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर बीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

‘ये वंदे मातरम् का अपमान है’
आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वंदे मातरम् का अपमान है। उन्होंने बीजेपी से उसके वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को लेकर सवाल किया।

उन्होंने पूछा कि बीजेपी का वंदे मातरम् से क्या नाता है और बीजेपी में ऐसे कौन से क्रांतिकारी थे, जो वंदे मातरम् कहते हुए फांसी पर चढ़ गए। आदित्य ठाकरे के इस बयान के बाद विवाद और तेज होने के आसार हैं।

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कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं। कांग्रेस जहां शुरुआती दो अंतरे गाने के अपने फैसले पर कायम है, वहीं बीजेपी इसे लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

बीजेपी का तर्क है कि वंदे मातरम् का सम्मान देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय है। दूसरी ओर, विपक्षी दल बीजेपी के रुख और इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।

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संसद से बाहर भी गरमाया मुद्दा
वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब संसद के साथ-साथ राजनीतिक मंचों तक पहुंच गया है। कांग्रेस के फैसले पर बीजेपी के हमले और आदित्य ठाकरे के पलटवार ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है।

आने वाले दिनों में वंदे मातरम् विवाद को लेकर कांग्रेस, बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल, आदित्य ठाकरे के बयान ने बीजेपी के सामने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक संदर्भ और उसके राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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