झारखंड सरकार को हाई कोर्ट से झटका, JPSC-JSSC परीक्षाएं रद्द करने पर लगाई रोक

JPSC Exam Cancellation Stay: छात्रों के भारी आंदोलन के दबाव में हेमंत सोरेन सरकार द्वारा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कई परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर झारखंड हाई कोर्ट ने रोक (Stay) लगा दी है।

इस फैसले से एक तरफ जहां परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी नौकरी खो चुके नवनियुक्त अधिकारियों और सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

सरकार के फैसले के खिलाफ सोनम कुमारी, अवधेश कुमार और अन्य नव-चयनित अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं में तर्क दिया गया था कि वे पारदर्शी प्रक्रिया के तहत चयनित होकर अपनी सेवाएं दे रहे थे या चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में थे। सरकार के एकतरफा आदेश से उनका करियर और नौकरी संकट में पड़ गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने संबंधी नोटिफिकेशन पर रोक लगाते हुए प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल अपनी ड्यूटी पर लौटने/बने रहने का निर्देश दिया है।

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कानूनी पेंच में फंस गया मामला

हाल ही में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों के 25 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन के बाद हेमंत कैबिनेट ने सख्त कदम उठाते हुए TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित और CID जांच के दायरे में आई कई परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इसमें JPSC 11वीं-13वीं सिविल सर्विसेज, फूड सेफ्टी ऑफिसर और JSSC-CGL जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल थीं।

हाई कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने के बाद अब यह मामला कानूनी पेंच में फंस गया है। मामले की अगली सुनवाई के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि रद्द की गई भर्तियों का भविष्य क्या होगा।

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