
सावधान! सभी विधायक सोशल मीडिया पर सतर्क रहें:सतीश महाना
विस अध्यक्ष ने विधायकों को बताया सफलता के राज़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के MLA को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित साइबर सुरक्षा डिजिटल सिक्योरिटी ब्रीफिंग फॉर लेजिस्लेटर्स” कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोशल मीडिया के दौर में जनप्रतिनिधियों से सतर्कता, संयम और धैर्य बनाए रखने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधि सार्वजनिक जीवन में मूल स्वभाव को न बदलें:महाना
इस मौके पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति को अपने मूल स्वभाव को कभी नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने माननीय सदस्यों से कहा कि वे धैर्य बनाए रखें और सोशल मीडिया पर आने वाली प्रतिक्रियाओं से प्रभावित हुए बिना अपने कार्य पर ध्यान केंद्रित करें। सोशल मीडिया पर दो-चार नकारात्मक टिप्पणियां मिलने से हताश होने की आवश्यकता नहीं है। लोग कई बार आपको उकसाने का प्रयास करेंगे, लेकिन जनप्रतिनिधि को संयम बनाए रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहना चाहिए।
सतीश महाना ने विधायकों को चुनाव में सफलता के लिए भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि जनता से निरंतर संवाद, क्षेत्र में सक्रियता, सकारात्मक व्यवहार तथा अपने कार्यों के प्रति ईमानदार प्रतिबद्धता जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होती है। साथ ही यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया को केवल प्रचार का माध्यम न मानकर जनता से संवाद और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने के माध्यम के रूप में भी उपयोग करना चाहिए।
व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी साझा न करें:अमित दुबे
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने विधायकों को सोशल मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। विधायकों को सोशल मीडिया के उपयोग, सुरक्षा, फर्जी खातों, नकारात्मक टिप्पणियों, डिजिटल ठगी तथा ऑनलाइन पहचान की सुरक्षा से संबंधित अनेक सवाल पूछे, जिनका अमित दुबे ने विस्तार से जवाब देते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सावधानी बरतने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी साझा न करने के संबंध में भी उपयोगी सुझाव दिए।
सभी MLA को SOP उपलब्ध कराएंगे
इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से संबंधित एसओपी ( Standard Operating Procedure ) तैयार कर सभी विधायकों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कर सकें। एसओपी के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश, सावधानियां और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। साथ ही, बदलते डिजिटल परिवेश में जनप्रतिनिधियों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और उन्हें तकनीकी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना भी कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य रहा।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह तथा राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ), गिरीश चंद्र यादव सहित अन्य माननीय सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान माननीय सदस्य शलभ मणि त्रिपाठी,अभय सिंह, रमेश जायसवाल तथा श्रीमती सुचिस्मिता मौर्या ने भी अपने विचार रखे। विमलेश पासवान, प्रेम सागर पटेल,राजेश त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, विवेकानंद पाण्डेय, रमेश चंद्र मिश्रा,सौरभ श्रीवास्तव तथा पंचानन पाठक सहित अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।










