
बुरे फंसे TMC सांसद नदीमुल, ED की जांच की आंच कोलकाता से लखनऊ तक
लखनऊ। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मौजूदा राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक के खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच की आंच अब लखनऊ तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी कोलकाता की टीम अलीगंज स्थित नदीमुल हक के आवास पर पहुंची। हालांकि, उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। टीम ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की और वापस लौट गई।
मामला नदीमुल हक से जुड़ी कंपनी अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। कंपनी ‘अखबार-ए-मशरिक’ नाम से उर्दू दैनिक अखबार प्रकाशित करती है। ईडी अखबार में कथित तौर पर प्रकाशित आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले की जांच कर रही है।
इसी मामले में ईडी ने कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ और रांची समेत सात ठिकानों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है।
2004 से कंपनी के निदेशक हैं नदीमुल हक
मोहम्मद नदीमुल हक का जन्म 20 सितंबर 1969 को कोलकाता में हुआ। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बीए ऑनर्स किया है। वह पत्रकार, लेखक और कारोबारी के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वर्ष 2004 से वह अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। अखबार का प्रकाशन कोलकाता के अलावा दिल्ली, रांची, लखनऊ, भोपाल और श्रीनगर से भी होता है।
नदीमुल हक पहली बार मई 2012 में राज्यसभा पहुंचे थे। वर्तमान में उनका तीसरा कार्यकाल 2024 से 2030 तक है। उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी और TMC का प्रमुख मुस्लिम चेहरा माना जाता है। वह कई सरकारी व सामाजिक समितियों से भी जुड़े रहे हैं।





