
Health Tips: भूलकर भी ना पीये तांबे के बर्तन में ऐसे पानी…हो सकता है नुकसान
Side effects of copper bottle water: तांबे के बर्तन में स्टोर किया हुआ पानी पीना कितना फायदेमंद है यह आप सब जानते होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन कितना नुकसान पहुंचा सकता है? अगर नहीं तो आइए जानें…
Side effects of drinking copper bottle water:आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से सेहत को कई गजब के फायदे मिलते हैं। कुछ लोगों को तांबे के बर्तन (Side effects of copper bottle water) का पानी पीने की मनाही होती है। डॉक्टर भी तांबे के बर्तन में रखे पानी को फायदेमंद बताते हैं। इस पानी से इम्यूनिटी अच्छी होती है और पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। ऐसा करने से उनकी सेहत को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं किन लोगों को तांबे के बर्तन में पानी पीने से परहेज करना चाहिए।
बता दें, तांबा एक ऐसी धातु है जो कि आपके शरीर को रेड ब्लड सेल्स (RBC’s) को बनाने में मदद करती है। साथ ही तंत्रिका कोशिकाओं और आपके इम्यून सिस्टम को स्वस्थ बनाकर कोलेजन,हड्डियों और टिशूज को भी बनाने में मदद करता है। सेहत के लिए इतना फायदेमंद होने के बावजूद क्या आप जानते हैं कुछ लोगों को तांबे के बर्तन का पानी पीने की मनाही होती है।
कॉपर चार्ज्ड वॉटर किसे कहते है?
तांबे के बर्तन, बोतल या जग में पानी भरकर उसे आठ घंटे के लिए छोड़ दिया जाता है और अगले दिन सुबह इस पानी को पीते हैं तो इस प्रक्रिया को ऑलिगोडायनेमिक इफेक्ट कहते हैं, जिसमें तांबे के गुण पानी में मिल जाते हैं। यही पानी ताम्र जल या कॉपर चार्ज्ड वॉटर कहलाता है। तांबा पानी में मौजूद कई प्रकार के बैक्टीरिया को खत्म कर उसे शुद्ध बनाता है। हालांकि बारह घंटे से ज्यादा रखे हुए तांबे के पानी को न पीने की सलाह हमेशा दी जाती है।
तांबे के बर्तन में रखे पानी के साथ न करें ये गलतियां
शरीर में बढ़ती है कॉपर की मात्रा
अगर हो सके तो दिनभर तांबे के बर्तन में पानी न पियें। दरअसल, दिनभर तांबे की बोतल में रखा पानी पीने से शरीर में कॉपर की मात्रा बढ़ती है। जिस वजह से चक्कर आना, पेट दर्द और किडनी के फेल जैसे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। तांबे के बर्तन में भूलकर भी पानी में नींबू और शहद न मिलाएं। नींबू शहद मिलाने के बाद ये पानी जहर बन जाता है जो आपकी सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
एसिडिटी-
तांबे के बर्तन में रखा पानी की तासीर गर्म होती है। ऐसे में अगर आपको एसिडिटी की शिकायत रहती है तो इसका पानी न पिएं। तांबे के बर्तन में खट्टी चीजें डालकर खाने से फूड पॉयजनिंग होने का डर रहता है। किडनी या हार्ट के मरीज को तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
किडनी पेशेंट
जरूरत से ज्यादा तांबे का पानी पीने से किडनी पेशेंट की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे किडनी रोगी जिनके पैरों में सूजन है या फिर वो डायलिसिस पर हैं, उनके लिए तांबे का पानी हानिकारक हो सकता है।
अगर तांबे के बर्तनों की सफाई ढंग से नहीं की गई तो इसका पानी आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए तांबे के बर्तनों को बहुत सावधानी से और ठीक से साफ किया जाना चाहिए।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)





