जेल से बाहर आए आशाराम बापू, 12 साल बाद मिली जमानत… कोर्ट ने रखी ये शर्त

Asaram Bapu Rape Case: नाबालिग के साथ रेप के मामले में आजीवन जेल की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आसाराम को 31 मार्च तक के लिए मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी है। आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल से भगत की कोठी में बने आरोग्य चिकित्सा केंद्र में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

हालांकि कोर्ट की ओर से सशर्ते जमानत दी गई है। इसके चलते आसाराम अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिल सकेंगे।

बलात्कार मामले में हुई है उम्रकैद
आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया था और तब से वे जेल में हैं। एक किशोरी ने उन पर जोधपुर के पास मणई गांव में स्थित उनके आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली यह लड़की आश्रम में छात्रा थी। आसाराम बापू को इसके अलावा गांधीनगर की अदालत ने बलात्कार के मामले में सजा दी थी। इस मामले में आसाराम को सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आसाराम के खिलाफ रेप का यह मामला साल 2013 में दर्ज हुआ था। पीड़िता के साथ रेप की वारदात साल 2001 से 2006 के बीच हुई थी। यह मामला अहमदाबाद के चांदखेड़ा थाने में दर्ज हुआ था। आसाराम पिछले साढ़े 11 साल से जेल में हैं।

बीमारियों का दिया हवाला
अदालत ने कहा कि 86 वर्षीय आसाराम हृदय रोग के अलावा उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। गांधीनगर कोर्ट द्वारा 2023 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ आसाराम ने शीर्ष अदालत में अपील की थी।

अदालत ने कहा कि 86 वर्षीय आसाराम हृदय रोग के अलावा उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं। गांधीनगर कोर्ट द्वारा 2023 में दी गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ आसाराम ने शीर्ष अदालत में अपील की थी।

कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर दिया फैसला
कोर्ट ने पिछले दिनों महाराष्ट्र के पुणे शहर में आयुर्वेदिक इलाज के लिए आसाराम को अनुमति भी दी थी। लेकिन पांच दिन पहले पुणे से उपचार करवाकर राजस्थान के जोधपुर लौटे आसाराम की शुक्रवार को फिर तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे जेल से भगत की कोठी स्थित आरोग्य चिकित्सा केंद्र लाया गया। कोर्ट ने बार बार बिगड़ रही तबीयत और स्थिति को देखकर अब आसाराम को जमानत दे दी है। आसाराम की जमानत की खबर मिलने के बाद के भक्तों में खुशी की लहर है।

सुप्रीम कोर्ट ने रखी ये शर्त
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आसाराम सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे और अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। जमानत की शर्तों के तहत आसाराम को तीन पुलिसकर्मी साथ लेकर जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें अपने अनुयायियों से सामूहिक रूप से नहीं मिलना चाहिए। इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वह चल रही कानूनी कार्यवाही में हस्तक्षेप ना करें या मामले से जुड़े किसी भी सबूत को प्रभावित ना करें।

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