
Air India Crash में मिले 100 फोन… खोलेंगे हादसे के राज? डेटा खंगालने में जुटी पुलिस
Ahmedabad Air India AI171 Crash: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर प्लेन क्रैश मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए तमाम एजेंसियां अपने अपने एंगल में जांच कर रही है। अहमदाबाद की जांच में अब ऐसे 100 फोन जुड़ गए हैं, जिसमें एआई-171 क्रैश से जुड़े सुराग छिपे हो सकते हैं।
Ahmedabad Air India AI171 Crash: आपको बता दें कि पुलिस की कोशिश है कि इन मोबाइल फोन्स से घटना के अंतिम क्षणों में क़ैद फोटो और वीडियो को देखा जा सके ताकि इससे अंदाज़ा लगा सकें कि आखिर आखिर के उन 30 से 40 सेकेंड के भीतर क्या कुछ हुआ था। इन मोबाइल फोन्स की जांच को लेकर अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि दोपहर 1 बजकर 40 मिनट के बाद का हर एक फोटो और वीडियो हमारे लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। एक तरफ, एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) प्लेन क्रैश के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हे। वहीं, दूसरी तरह अहमदाबाद पुलिस पूरे मामले की अपने नजरिए से जांच कर रही है।
अहमदाबाद विमान हादसे में अब तक क्या हुआ
* 1 बजकर 40 मिनट पर विमान हादसा हुआ।
* 1 बजकर 42 मिनट पर पुलिस कंट्रोल रुम में खबर आई।
* 1 बजकर 44 मिनट पर अहमदाबाद के कमिश्नर ने गुजरात के DG और गृहमंत्री को जानकारी दी।
* 1 बजकर 50 मिनट तक CISF, Army, RAF और अहमदाबाद पुलिस के लोग राहत के काम में जुटे गए।
* 12 तारीख़ को 12 बजे रात तक DNA के 51 सैंपल को पहुंचा दिया गए।
* घटना से जुड़े सारे वीडियो और फ़ोटो की जांच में अब तक कुछ संदेहास्पद नहीं लगा।
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कितने एंगल से होती है जांच?
इतने बड़े विमान हादसे की जांच सिर्फ एक तकनीकी वजह तक सीमित नहीं होती. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में 2000 से अधिक पहलुओं पर जांच की जाती है. इनमें शामिल हैं:
* एकसाथ दोनों इंजन का फेल हो जाना
* विमान के फ्लैप्स की स्थिति
* आतंकी हमला या मेडे कॉल
* पायलट का अनुभव और निर्णय
* तकनीकी खामियां या मेंटनेंस में लापरवाही
* और अब, साइबर अटैक की संभावना भी
एयर इंडिया की कई फ्लाइट्स पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग कारणों से कैंसिल हुई हैं, जिससे तकनीकी लापरवाही की आशंका और गहरी हो गई है.।
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घटना स्थल से बटोरी जा रही हैं ये चीजें
जीएस मलिक ने बताया कि पुलिस के साथ जांच टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। हादसे की जगह पर अब भी कुछ छोटे-मोटे अवशेष बिखरे हुए हैं, जिन्हें इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में समय लग सकता है, क्योंकि यह एक जटिल प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पीड़ितों की पहचान हो और उनके परिवारों को सही जानकारी मिले। अब तक 222 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है और 204 शव उनके परिवारों को सौंपे जा चुके हैं। बाकी पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए विश्लेषण अभी भी चल रहा है।
बड़े सवाल और गहरी जांच
इस हादसे ने फ्यूल क्वालिटी, लास्ट मिनट मेंटेनेंस चेकिंग, और प्री-फ्लाइट इंस्पेक्शन प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांचकर्ता किसी भी आशंका को नजरअंदाज नहीं कर रहे, क्योंकि 787 जैसे भरोसेमंद विमान का गिरना अपने आप में एक बड़ी चेतावनी है।
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