
Budhwar Ganesh Vrat 2025: बुद्धि और ज्ञान प्राप्ति के लिए करें गणपति बप्पा की पूजा, जानें विधि और लाभ!
Budhwar Ganesh Vrat 2025आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 2 जुलाई दिन बुधवार को है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से जीवन के सभी कष्ट व विघ्न दूर होते हैं।
Budhwar Ganesh Vrat 2025: बुधवार, भगवान गणेश और बुध ग्रह का दिन माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। बुद्धि, वाणी और व्यापार में वृद्धि होती है। स्कंद पुराण के अनुसार बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से बुद्धि, ज्ञान और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, बुधवार का व्रत करने से बुध ग्रह से संबंधित दोष भी दूर होते हैं।
बुधवार व्रत पूजा विधि व मंत्र
- व्रत शुरू करने के लिए आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
- फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।
- एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
- इसके बाद श्री गणेश को दूर्वा और पीले पुष्प अर्पित करें
- साथ ही बुध देव को हरे रंग के वस्त्र चढ़ाएं।
इस मंत्र का करे जाप
पूजा के दौरान श्री गणेश और बुध देव के “ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥” मंत्रों का जाप करें।
हलवे का लगाए भोग
फिर व्रत कथा सुनें और उनकी पूजा करें। अंत में, श्री गणेश को हलवे का भोग लगाएं और फिर श्री गणेश व बुध देव की आरती करें। उसके बाद आरती का आचमन करें।
क्या करे क्या ना करे?
पूजा समाप्त होने पर भोग को प्रसाद के रूप में सभी में बांट दें। शाम के समय फलाहार से व्रत का पारण करें। गरीबों को दान करें। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन, झूठ बोलना, किसी का अपमान करना, बाल या दाढ़ी कटवाना और तेल मालिश करना वर्जित माना गया है। व्रत का उद्यापन 12 व्रतों के बाद किया जाता है।
2 जुलाई को शुभ योग
दृक पंचांगानुसार, 2 जुलाई को सप्तमी तिथि सुबह 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, फिर उसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी. उदिया तिथि को मानते हुए इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है और राहुकाल का समय 12 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. 2 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा और मिथुन राशि में सूर्य और गुरु की युति से गुरु आदित्य योग भी बना रहेगा.
बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न व बाधाएं दूर हो जाती हैं और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. साथ ही कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति भी मजबूत रहती है, जिससे नौकरी व कारोबार में अच्छी सफलता भी मिलती है. स्कंद पुराण के अनुसार बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से बुद्धि, ज्ञान और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.





