
यूपी का यह गाँव आज भी विकास को मोहताज; आजतक नहीं मिली एक सड़क, सिर्फ मिला आश्वासन
Jhansi news: देश की आजादी के बाद से यूपी पूरी तरह बदल चुका है, हर तरफ विकास के बड़े बड़े दावे और प्रोजेक्ट चल रहे हैं. लेकिन आज भी झांसी के एक गांव की किस्मत आज तक नहीं बदली है. ये आज भी विकास के दावों की पोल खोलता दिख रहा…
Jhansi news: अब तक न जाने कितनी सरकारें बनीं और सबने विकास के बड़े बड़े दावे तो किये, लेकिन इस इस गांव में सड़क नहीं बन पाई है. हर चुनाव से पहले नेता सड़क बनाने के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही भूल जाते हैं. जिसकी वजह से देश की सबसे बड़ी तहसील मऊरानीपुर क्षेत्र के ग्राम भटपुरा के फूलपुरा खिरक में बारिश के समय में ग्रामीणों को नरकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है.
दलदल से सनी कच्ची सड़क, जूझ रहे बच्चेः
इस गांव के ग्रामीण हर स्तर पर सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन हमेशा निराशा ही मिलती है. जनप्रतिनिधि, जिम्मेदार अधिकारी आज तक सड़क नहीं बना सके. इसका सबसे ज्यादा खामियाजा यहाँ के लोगों कों बरसात के समय में उठाना पड़ता है. क्योंकि बारिश के बाद कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिसमें गिरते पड़ते बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं. वहीं, कोई बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है.
गांव से बाहर निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. मरने के बाद श्मशान जाते मुर्दे को कीचड़ भरे रास्ते से गिरते-पड़ते गुजरना पड़ता है. इस बार ग्रामीणों ने एक जुट होकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का मन बनाया है. वहीं, गांव में स्थित स्कूल के शिक्षकों ने भी वर्षों से बरसात के समय कीचड़ भरे रास्ते से गुजर कर स्कूल पहुंचने की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार से मांग की है.
पंचायत राज मंत्री ओपी राजभर और सासंद ने भी किया मायूस:
फूलपुरा प्रधान भारती ने बताया कि पूरी सड़क की दूरी डेढ़ किलोमीटर की है. पुराना रास्ता है, जिसको चौड़ाई 8 मीटर है. ये मुख्य सड़क है और आसपास के 10 गांव को जोड़ती है. लगभग 50 हजार लोग इस सड़क से जुड़े हैं. यह सड़क फूलपुरा गांव से नदी घाट कब्रिस्तान तक 11सौ मीटर, फूलपुरा से चक्कामऊ 9 सौ मीटर, स्टेशन से फूलपुरा मोहल्ला , कब्रस्तान पुराना मोहल्ला 14 सौ मीटर तक की सड़क है. यह सड़क उनके कार्यक्षेत्र और बजट से बाहर है.
प्रधान ने बताया कि इस लिए सड़क बनवाने के लिए वह लखनऊ जाकर पंचायत राज मंत्री ओपी राजभर से मिलकर शिकायत कर चुके हैं. इसके अलाव जिला पंचायत में भी शिकायत की है. विधायक रश्मि आर्या से भी शिकायत की थी. उन्होंने चार योजनाओं में सड़क बनाने के लिए शामिल किया है, लेकिन कुछ हुआ ही नहीं.
सांसद अनुराग शर्मा से भी मिले तो कई बार नाप जरूर हुई, लेकिन उसके बाद अभी तक कुछ भी नहीं हुआ. हालात बरसात में ज्यादा खराब हो जाते है. बीमारों को ले जाने के लिए सरकार की एंबुलेंस यहां तक नहीं पहुंच सकती तो ऐसी योजना हमारे क्या काम की.
सैकड़ों बार शिकायत पर सुनवाई नहीं:
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गोरेलाल रायकवार ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक सड़क के निर्माण उनके गांव में नहीं कराया गया. बच्चे और शिक्षक तो कीचड़ में होकर स्कूल जाते ही है. इसके अलावा गांव के दूसरी ओर सुखनई नदी किनारे बने श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कई बार लोग शव सहित कीचड़ में गिर जाते है.
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि ऐसा नहीं कि समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को न हो. सड़क के लिए सांसद, विधायक, जिलापंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, तहसीलदार सहित अनेकों अधिकारियों को अपनी सैकड़ों शिकायत दर्ज करा चुके हैं. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ.
गांव मुख्य धारा से कटा:
ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक हसन अली ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक फूलपुरा खिरक के लोगों को मुख्य धारा से नहीं जोड़ा गया. स्टेशन से उनके गांव तक आने वाली सड़क को पक्का नहीं बनाया गया. जिसकी वजह से बरसात में स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही स्कूल में आने-जाने वाले शिक्षकों को भी कीचड़ युक्त सड़क से गुजरना पड़ता है. बीमारी से जूझ रहे लोगों को अस्पताल तक ले जाने में भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है.
कीचड़ बना स्कूल का रोड़ा:
गांव निवासी श्रीपाल बरार ने अपना गुस्सा बयान करते हुए कहा कि बच्चे जैसे-तैसे स्कूल जाना शुरू करते है तो ये कीचड़ नहीं पहुंचने देता. ऐसा कोई भी दिन नहीं गुजरता, जब कोई न कोई बच्चा इस कीचड़ में न गिरता हो. उन्होंने कहा कि भले ही देश आजाद हुआ हो लेकिन हम तो जब मानेंगे जब हमारे गांव की सड़क बनेगी. शिकायत और गुहार लगाते-लगाते थक गए हैं. इसलिए इस बात पंचायत चुनाव और आगामी विधान सभा चुनाव का बहिष्कार किए जाने का हम सभी ने मन बनाया है. कोई कितने भी वादे करे हम लोग इस बात झांसे में नहीं आने वाले.
जनप्रतिनिधियों भी समस्या पर मौन:
प्राथमिक विद्यालय फूलपुरा भटपुरा की शिक्षक शिमला देवी ने बताया कि खुद अपने स्तर पर जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करा चुकी है. स्कूल अभी ही खुले है और सड़क पर कीचड़ भरा हुआ है. बच्चों और उनको स्कूल तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है. ऐसे में स्कूल चलो अभियान में कैसे नए बच्चे स्कूल तक पहुंच सकेंगे.





