
10वीं स्टूडेंट को लैपटॉप, Olympic गोल्ड पर 7 करोड़; दिल्ली सरकार का एलान
Rekha Gupta News: दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में तीन अहम फैसले लिए हैं। रेखा गुप्ता सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना की भी शुरुआत की है।
Rekha Gupta News: दिल्ली में अब ओलंपिक (Olympics) में स्वर्ण पदक विजेता को सात करोड़, रजत पदक विजेता को पांच करोड़ और कांस्य पदक विजेता को तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। अब तक हरियाणा पुरस्कार राशि देने के मामले में सबसे आगे था, जहां स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़, रजत पदक विजेता को चार करोड़ और कांस्य पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये दिए जाते हैं।
10वीं स्टूडेंट को दिया जाएगा i7 लैपटॉप
10वीं में बहुत अच्छे नंबर लाने वाले 1200 स्टूडेंट्स को i7 लैपटॉप लगभग 8 करोड़ की लागत से दिए जाएंगे. कैबिनेट मंत्री ने कहा, दिल्ली में 1074 सरकारी स्कूल हैं लेकिन एक में भी फंक्शनल कंप्यूटर लैब नहीं है. इसलिए अब ICT लैब्स स्थापित की जाएंगी.
स्कूलों में लैब
सीएसआर के साथ मिलकर 100 ICT Lab बन चुकी हैं. 2015 से 2019 तक 907 स्कूलों में नॉन फंक्शनल लैब बनाए गए थे. केंद्र सरकार के पैसों से ये लैब बनाई गई थी. दिल्ली सरकार 175 स्कूलों में ICT लैब बनाने जा रही है, सीबीएसई के अप्रूव्ड पैरामीटर पर lab लगाए जाएंगे जिसमें 40 कंप्यूटर होंगे।
गोल्ड मेडल के लिए 7 करोड़
आज से पहले, ओलंपिक खेलों में जीतने वालों को 3 करोड़, 2 करोड़ और एक करोड़ रुपये दिया जाता था. अब गोल्ड मेडल के लिए 7 करोड़, सिल्वर के लिए 5 करोड़ और ब्रॉन्ज के लिए 3 करोड़ किया गया है. इसी तरह एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और नेशनल गेम्स के मेडलिस्ट के लिए भी ईनाम की राशि बढ़ाई गई है. खिलाड़ियों को पड़ोसी राज्य नौकरी देते थे, इसलिए ओलंपिक में गोल्ड और सिल्वर पदक जीतने वालों को ग्रुप A की नौकरी, ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने वालों को ग्रुप B की नौकरी दी जाएगी





