मेटाबोलिज्म मजबूत करने के साथ अन्य खतरों से भी बचाता है नियमित व्यायाम

Exercise

एक हालिया शोध में पता चला है कि नियमित व्यायाम बढ़ती उम्र के खतरों से बचाने में कारगर है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसे एंजाइम का पता लगाया है, जो उम्र बढ़ने के खतरों से शरीर की रक्षा करता है। यह शोध साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

ऑस्ट्रेलिया में मोनाक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि कैसे शारीरिक गतिविधि इंसुलिन प्रतिक्रिया को बढ़ाती है और बदले में मेटाबोलिज्म प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है।

शोधकर्ताओं ने जिन एंजाइमों की खोज की है, उनमें मांसपेशियों के नुकसान और मधुमेह जैसे उम्र से जुड़े खतरों से बचाने की क्षमता है।

प्रोफेसर टोनी टिगनिस के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने दावा किया कि उम्र बढ़ने के दौरान प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजाति (आरओएस) में कमी इंसुलिन प्रतिरोध के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रोफेसर टिगनिस के अनुसार, कंकाल की मांसपेशी लगातार आरओएस का उत्पादन करती है और यह व्यायाम के दौरान बढ़ जाती है।

शोध दल ने दिखाया कि कैसे एनओएक्स-4 नामक एक एंजाइम व्यायाम प्रेरित आरओएस और मेटाबोलिज्म को संचालित करने वाली अनुकूल प्रतिक्रियाओं के लिए आवश्यक है।

मालूम हो कि एंजाइम एक तरह का प्रोटीन है जो कोशिकाओं के अंदर पाया जाता है। एंजाइम मानव शरीर में रासायनिक प्रक्रियाओं को तेज करने में मदद करते हैं।

तीन दशकों में दोगुना हो जाएगा बुजुर्गों का अनुपात

दुनियाभर में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का अनुपात अगले तीन दशकों में दोगुना हो जाएगा। 2031 तक 60 लाख से अधिक ऑस्ट्रेलियाई 65 वर्ष से अधिक उम्र के होंगे।

टाइप-2 मधुमेह उम्र के साथ बढ़ती जाती है। इसलिए इस उम्र बढ़ने वाली आबादी की वजह से विश्व स्तर पर ऐसे बीमारों की संख्या में वृद्धि होगी।

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