दिल्ली: आंदोलन खत्म होते ही जश्न मनाते हुए घर लौटने लगे किसान समूह

किसान आंदोलन खत्म

नई दिल्ली। किसानों की मांगें पूरा करने के सरकार के वादे के बाद एक साल से अधिक समय से जारी किसान आंदोलन अब खत्म हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन खत्म करने के ऐलान के बाद टिकरी और सिंघु बॉर्डर से किसानों की घर वापसी शुरू हो गई है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के धरना वापस लेने के फैसले की जानकारी मिलने के बाद पिछले एक साल से टिकरी सीमा पर डेरा डाले सैकड़ों किसान गुरुवार को अपने घर के लिए रवाना हो गए। हालांकि, संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि वे 11 दिसंबर को जश्न मनाने के बाद घर वापस जाएंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों के पहले जत्थे में घर लौटने वाले पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, होशियारपुर और फिरोजपुर जैसे दूर-दराज के स्थानों के थे, जबकि उनमें से अधिकांश ने आज सुबह (शुक्रवार) जल्दी वापस जाने के लिए अपना सामान पैक किया।

जब मंच से आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया गया तो मुख्य प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने जीत का जश्न मनाया और मंच पर डांस भी किया।

अमृतसर के रहने वाले किसान हरविंदर ने कहा कि कल केंद्र द्वारा हमारी सभी मांगों को स्वीकार करने के बाद हम आज घर वापस जाने के बारे में आश्वस्त थे, इसलिए हमने पैकिंग कर ली थी।

वहीं, गुरदासपुर के गुरजीत ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को कल पंजाब से टिकरी बुलाया था ताकि वे हमारा सामान और अन्य सामान वापस वाहनों में ले जा सकें।

बीकेयू (राजेवाल) के एक सीनियर नेता परगट सिंह ने पुष्टि की कि सैकड़ों किसान (विशेष रूप से दूर-दराज के किसान) गुरुवार को घर के लिए रवाना हुए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के रास्ते में ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, इसलिए इन किसानों ने इस तरह की किसी भी समस्या की संभावना को रोकने के लिए आज घर लौटना पसंद किया।

कल किसान न केवल अपना सामान बांधकर ट्रेलरों और अन्य वाहनों पर लादेंगे, बल्कि सीमा पर साफ-सफाई भी सुनिश्चित करेंगे जैसा कि तय किया गया था।

एसकेएम के निर्णय के अनुसार अधिकांश किसान शनिवार को पंजाब के लिए रवाना होंगे। बीकेयू नेता ने बहादुरगढ़ शहर और अन्य स्थानों के लोगों की मदद के लिए आभार व्यक्त किया।

इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेताओं द्वारा अपने एक साल के आंदोलन की जीत की घोषणा के तुरंत बाद पिछले एक साल से किसान आंदोलन के केंद्र रहे सिंघू सीमा पर जश्न शुरू हो गया।

किसान विजय जुलूस निकालते नजर आए। किसानों के समूह अपने ट्रैक्टरों पर गाने और संगीत के साथ नाचते और आपस में मिठाई बांटते देखे गए। कुछ दल विजय गीत गाते दिखे तो लोग उन पर फूल बरसा रहे थे।

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