Gemstone: भाग्य जगा देगा लाल रंग का रत्न, जानें धारण करने की विधि

Gemstone : कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव को खत्म करने के लिए रत्न शास्त्र में कई रत्नों के बारे में बताया गया है। रत्न ज्योतिष में जीवन की बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए मूगां पहनना लाभकारी माना गया हैं। हालांकि, मूंगा पहनते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्नों को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में तरक्की ही तरक्की आती है। रत्न ज्योतिष में मूंगा को मंगल ग्रह का रत्न माना गया है। मंगल ग्रह को ऊर्जा, उत्साह, जोश, शक्ति और साहस का कारक माना गया है। मान्यता है कि कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में अपार सफलता मिलती है। वहीं,मंगल के कमजोर होने पर व्यक्ति को क्रोध अधिक आता है। वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है और जीवनसाथी से भी तालमेल खराब रहता है। ऐसे में मंगल ग्रह के शुभ प्रभावों के लिए मूंगा पहनना बहुत लाभकारी माना गया है। हालांकि, किसी भी रत्न को पहनने से ज्योतिषीय सलाह जरूर लेना चाहिए।

कौन धारण कर सकता है मूंगा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति के जन्म के समय सूर्य मेष और वृश्चिक राशि में उदित रहता है या जिनका जन्म 15 अप्रैल से 14 मई व 15 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच हुआ हो। ऐसे जातक मूंगा पहन सकते हैं। वहीं, अंकज्योतिष के अनुसार, मूलांक 6 वाले भी मूंगा धारण कर सकते हैं। आइए जानते हैं मूंगा धारण करने की विधि…

मूंगा पहनने के विधि : रत्न ज्योतिष के अनुसार, जन्मपत्रिका में मंगल ग्रह चौथे,आठवें और बारहवें स्थान पर हो, तो 8 रत्ती का मूंगा धारण किया जा सकता है। इससे सोने की अंगूठी में पहनना उत्तम माना जाता है। वहीं, चंद्र-मंगल के योग में चांदी की अंगूठी में मूंगा जड़वाकर पहनना चाहिए। इसे रत्न को 5 या 14 रत्ती का कभी नहीं धारण करना चाहिए। अंकज्योतिष के अनुसार, मूलांक 6 वाले लाल,भूरा या चमकीला भूरा मूंगा पहन सकते हैं। इस रत्न को मध्यमा यानी तीसरी उंगली में पहनना शुभ माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान : रत्न ज्योतिष के अनुसार, काले धब्बे, गड्ढेदार,श्वेत छींटे,चीर-चोट वाला, घुना हुआ समेत कई दोषयुक्त मूंगा को धारण करने से बचना चाहिए। इससे जीवन में कई कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

मूंगा रत्न धारण करने के फायदे

लाल, सिंदूरी, गेरुआ, सफेद और काले रंग का मूंगा रत्न मंगल ग्रह का रत्न होता है. शक्ति, बल, साहस व ऊर्जा पाने के लिए इसे पहना जाता है. इससे ग्रह के शुभ प्रभावों में वृद्धि होती है. इसको धारण करने से दिल  और रक्त संबंधी दिक्कतें कम होती हैं. इससे उदासी व मानसिक अवसाद पर काबू पा सकते हैं. यह अज्ञात भय को दूर करता है. 

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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