
बंगाल में भगवा युग की शुरुआत! शुभेंदु अधिकारी ने ली CM पद की शपथ
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल को आज एक नया मुख्यमंत्री मिल गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज शनिवार (9 मई) को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari Oath) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें राज्यपाल ने शपथ दिलाई. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर सभी प्रमुख केंद्रीय मंत्री और करीब 20 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रामाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया. इस समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई दिग्गत नेता भी इस शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने.
किस-किस को बनाया गया मंत्री
शुभेंदु अधिकारी के साथ ही एक छोटे मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली है, जिसमें फिलहाल 5 मंत्रियों को शामिल किया गया है. शपथ लेने वाले मंत्रियों में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरतनिया, खुदीराम तुडू और निशीथ प्रामाणिक शामिल हैं. इस शुरुआती कैबिनेट में बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है.
बंगाल की नई बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल में विविध सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. इसमें एक महिला मंत्री (अग्निमित्रा पॉल), एक आदिवासी चेहरा (खुदीराम तुडू), एक ओबीसी प्रतिनिधि, एक मतुआ समुदाय से और एक राजबंशी समुदाय से मंत्री शामिल किया गया है. इस संतुलन को बीजेपी की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें भगवा पार्टी ने चुनावों के दौरान अलग-अलग सामाजिक समूहों को साधने की कोशिश की थी.
8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था. शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद शुभेंदु ने कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की और विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था.
बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी. वहीं, टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमटकर रह गई और उसके 15 सालों के शासन का खात्मा हो गया.





