
Stock Market: शेयर बाजार में छाई हरियाली, भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद Nifty उछला
Share Market Today: भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी के साथ शुरुआत हुई। Nifty 50 1000 अंक उछल गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ लंबे समय से चल रही ट्रेड डील की घोषणा कर दी है
Share Market Today: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही ट्रेड डील ( india-US Trade Deal) की आखिरकार घोषणा हो गई है. इस बड़ी खबर के बाद बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मार्केट ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स 2400 अंकों से अधिक उछला; निफ्टी 25,800 के पार खुला है. इसके बाद भी तेजी से ही ट्रेड होता हुआ नजर आ रहा है. निफ्टी रियल्टी 5% चढ़ गया है. Nifty IT इंडेक्स 2.5% बढ़कर 39,006.10 पर पहुंच गया. अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने की वजह से इससे निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है और बाजार में दीवाली जैसा माहौल बन गया है.
भारत-यूएस ट्रेड डील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क को 25% से घटाकर 18% करने की घोषणा की। ट्रम्प के अनुसार, यह टैरिफ ‘तुरंत प्रभावी’ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत अमेरिका के लिए टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि और अन्य क्षेत्रों में खरीद बढ़ाने पर सहमत हुआ है।
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities के मुताबिक, अमेरिका में कम टैरिफ से EMS एक्सपोर्टर्स की प्रतिस्पर्धात्मकता और मार्जिन में सुधार होगा. इससे Dixon Technologies, Kaynes Technology और Syrma SGS जैसी कंपनियों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है.
बाजार में पिछले दिन का हाल
उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद भारतीय शेयरों ने 2 फरवरी के सत्र को मजबूती के साथ समाप्त किया। सेंसेक्स 943 अंक बढ़कर 81,666 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी करीब 263 अंक बढ़कर 25,100 के करीब बंद हुआ।
मार्केट ओपनिंग से पहले GIFT Nifty में लगभग 3 प्रतिशत का उछाल देखा गया. आज निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरे हैं और पिछले महीने की गिरावट अब दूर होती दिख रही है. यह डील भारत-अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत बनाएगी. ट्रंप ने कहा कि मोदी उनके सबसे अच्छे दोस्त हैं और दोनों मिलकर काम करते हैं. भारत ने अमेरिका से एनर्जी, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर में ज्यादा खरीदारी का वादा किया है. इससे पहले बाजार में FII की बिकवाली हुई थी और रुपया भी कमजोर हुआ था, लेकिन अब सारी चिंताएं कम हो गई हैं.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार की रफ्तार अब दोगुनी हो सकती है. टेक्सटाइल, श्रिम्प, आईटी और भारत फोर्ज जैसी कंपनियां खास फायदे में रहेंगी क्योंकि उनके एक्सपोर्ट सस्ते होंगे. यह खबर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए बहुत अच्छी है, जो तेज रिकवरी का संकेत दे रही है.
घरेलू सुधारों पर फोकस
अमेरिका-भारत व्यापार समझौता हमारे लिए एक सकारात्मक और अहम कदम है. अब तक ऊंचे और अधिक टैरिफ के कारण अमेरिका जैसे दुनिया के सबसे बड़े बाज़ार में हमारी स्थिति कमजोर थी. इस समझौते के बाद हम न सिर्फ चीन से बेहतर स्थिति में आए हैं, बल्कि वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के साथ लगभग समान प्रतिस्पर्धा में खड़े हैं. अमेरिका में अब केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्र, जैसे यूके, यूरोपीय संघ और जापान, ही ऐसे हैं जहां हमसे कम टैरिफ लागू हैं.
हालांकि, इस समझौते को स्थायी मानकर निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता. पिछले अनुभव बताते हैं कि अमेरिका की व्यापार नीति में अनिश्चितता बनी रहती है. ऐसे में भारत के लिए सबसे ज़रूरी है कि हम अपने घरेलू सुधारों पर फोकस करें, ताकि हमारी नीतियाँ, नियम और संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें. अंततः, इसी प्रतिस्पर्धात्मक मजबूती के ज़रिए ही भारत एक जटिल और अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य में टिकाऊ सफलता हासिल कर पाएगा.”





