
प्रयागराज में चंद्रशेखर के नजरबंद होते ही बवाल; पुलिस का बड़ा एक्शन, 700 पर FIR, 50 गिरफ्तार
Prayagraj Violence: वहीं, हाउस अरेस्ट के विरोध में चंद्रशेखर के 5000 समर्थकों ने करछना इलाके में सड़क पर जमकर हंगामा किया। पुलिस की गाड़ियां तोड़ दीं और बसों पर पथराव कर दिया। पुलिस की 8 और बसों समेत 7 प्राइवेट गाड़ियों में तोड़फोड़ की।
भडेवरा बाजार में पुलिस और आम नागरिकों पर ईंट-पत्थर बरसाए। इससे मची भगदड़ में कई महिलाएं और बच्चों समेत 15 लोग जख्मी हो गए। कई दुकानों पर पथराव कर शीशे तोड़े गए। दुकानदारों ने कहा कि सवर्ण समाज की दुकानों में तोड़फोड़ की गई।
प्रयागराज के करछना के भड़ेवरा बाजार में शनिवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा पुलिस ने 60 को नामजद और 700 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. इंस्पेक्टर करछना अनूप सरोज और चौकी प्रभारी मुंडा कैलाश की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की गई है. देर रात तक पुलिस की उपद्रवियों की तलाश में दबिश चलती रही.

सीसीटीवी व वीडियो फुटेज से हुई पहचानः घटना के बाद पुलिस ने मौके से 10 आरोपियों को दबोच लिया था, जबकि 20 अन्य को बाद में गिरफ्तार किया गया. उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान वीडियो, फोटोग्राफ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई. पुलिस ने घटनास्थल से 40 से अधिक बाइकें बरामद की हैं, जिन्हें थाने लाया गया है. इन बाइकों के स्वामियों की पहचान कर यह जांच की जा रही है कि वे उपद्रव में शामिल थे या नहीं.देर रात तक पुलिस ने 50 से अधिक संदिग्धों को दबोचा है. इन्हें करछना, मेजा, मांडा, घूरपुर, नैनी समेत अन्य थानों में रखा गया है और पूछताछ जारी है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी.
#WATCH | Delhi: On violence in Karchhana PS area of Prayagraj, Azad Samaj Party President and MP Chandrashekhar Azad says, “I think this is a conspiracy and has been done to divert attention from the incident that happened in Kaushambi. Our workers believe in the Constitution and… pic.twitter.com/eODNKBrCmC
— ANI (@ANI) June 30, 2025
courtesy-ANI
अराजकता से दो गुटों में बंटा इलाकाः बवाल बढ़ने के बाद जब पुलिस बैकफुट पर आई तो स्थानीय ग्रामीणों ने भीम आर्मी के उप्रदवियाें के खिलाफ पुलिस के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया. उपद्रवियों के खिलाफ मोर्चा लेते हुए उन्होंने पुलिस की मदद की, जिससे हालात पर काफी हद तक काबू पाया गया. हालांकि क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और वैमनस्यता बढ़ने की आशंका है. लोग उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी चल रही है, जिसमें विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हो सकते हैं.
राजनीतिक रंग ले रहा मामलाः घटना के बाद राजनीतिक दलों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मामले को तूल देना शुरू कर दिया है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने करछना और कौशांबी की दो पुरानी घटनाओं को फिर से जीवित करने का प्रयास किया है.
क्या था पूरा मामलाः 13 अप्रैल को करछना के इसौटा गांव में अनुसूचित जाति के युवक देवीशंकर की हत्या कर शव को जला दिया गया था. इस मामले में सात ठाकुर बिरादरी सहित आठ आरोपित जेल भेजे गए थे. वहीं कौशांबी में 27 मई को लोहंगदा गांव में आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जो जांच में फर्जी निकला था. बच्ची के इकबालिया बयान के बाद यह मामला पलट गया था. बच्ची ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा था कि उसने मां के उकसावे के बाद दुष्कर्म का आरोप युवक पर लगाया था. बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हो गया था कि सिद्धार्थ के ऊपर लगाए गए आरोप फर्जी थे.
हालांकि इस मामले के आरोप युवक सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस ने जब 28 जुलाई को पास्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया तो उसके पिता यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए. बेटे की बेगुनाही साबित नहीं कर पाने के गम में उन्होंने 4 जून को ही सैनी कोतवाली के बाहर जान दे दी थी. इसौटा गांव में देवीशंकर की हत्या के मामले में पुलिस ने अबतक संजय सिंह उर्फ सोनू, मोहित सिंह, मनोज सिंह, अवधेश सिंह उर्फ डीएम, दिलीप सिंह उर्फ छुट्टन, विमलेश गुप्ता उर्फ बाबा डान, शेखर सिंह, अजय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
इस बारे में पुलिस उपायुक्त विवेक चंद्र यादव का कहना है कि शाम के करीब 4.30 बजे आसपास चंद्रशेखर आजाद के आगमन के लिए कुछ लोग इकट्ठा हुए थे. उसमें कुछ उपद्रवी तत्वों ने पथराव किया. पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से उपद्रव को शांत कराया गया. उपद्रवियों को यहां से खदेड़ दिया गया. यहां स्थिति सामान्य हो गई है. उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है. सभी के खिलाफ गैंगस्टर, एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी.





