
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन तय! सिद्धारमैया आज छोड़ेंगे CM पद… रखी ये शर्तें
Karnataka CM News: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही सत्ता संघर्ष की अटकलों पर अब लगभग विराम लग गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है और माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय ले लिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस नेतृत्व की बड़ी रणनीतिक चाल माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया आज दोपहर 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें डीके शिवकुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा। शाम तक शपथ ग्रहण समारोह की भी संभावना जताई जा रही है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद हुआ बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज सुबह अपने आवास पर एक खास ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में डीके शिवकुमार समेत कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री और कांग्रेस नेता मौजूद रहे। बैठक में पहले सभी नेताओं ने साथ बैठकर नाश्ता किया। मेन्यू में इडली, वड़ा, चटनी और कर्नाटक का लोकप्रिय व्यंजन केसरी भात शामिल था।
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा था और बैठक खत्म होते ही घटनाक्रम तेजी से बदल गया। सूत्रों के अनुसार, नाश्ते के बाद सिद्धारमैया ने मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला सार्वजनिक कर दिया।
गृह मंत्री ने पहले ही दे दिए थे संकेत
कर्नाटक के गृह मंत्री ने सुबह ही संकेत दे दिए थे कि सिद्धारमैया जल्द इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को धन्यवाद देने के लिए नाश्ते पर बुलाया है और इसके बाद वह बड़ा फैसला ले सकते हैं।
गृह मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई थीं। कांग्रेस के भीतर पिछले कई महीनों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा चल रही थी और अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि पार्टी ने सत्ता परिवर्तन का फार्मूला तैयार कर लिया है।
डीके शिवकुमार के नाम पर बनी सहमति
सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस आलाकमान ने डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बना ली है। शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जाते रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनने के समय भी मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान देखने को मिली थी।
बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए अब नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया है। डीके शिवकुमार को कांग्रेस का मजबूत संगठनकर्ता माना जाता है और राज्य में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
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इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया की शर्तें!
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से पहले कांग्रेस आलाकमान के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें सबसे चर्चित मांग उनके बेटे को कैबिनेट में मंत्री बनाए जाने की बताई जा रही है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी उनके समर्थकों और गुट का सरकार में प्रभाव बना रहे। इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर भी गहन मंथन चल रहा है।
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कांग्रेस के भीतर सत्ता संतुलन की कोशिश
कांग्रेस नेतृत्व इस बदलाव को बेहद सावधानी से संभालना चाहता है ताकि पार्टी के भीतर किसी तरह की नाराजगी सामने न आए। पार्टी आलाकमान की कोशिश है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों खेमों के बीच संतुलन बना रहे। बताया जा रहा है कि नई सरकार में सिद्धारमैया समर्थक विधायकों को भी अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। वहीं डीके शिवकुमार के करीबी नेताओं को भी कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने की संभावना है।
राज्यभर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि डीके शिवकुमार कब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं और नई कैबिनेट में किन नेताओं को जगह मिलती है। कांग्रेस के लिए यह बदलाव सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि 2029 की राजनीतिक रणनीति का भी बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।
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