
घर के आंगन में तुलसी विवाह पर बनाएं खूबसूरत रंगोली, देखें डिजाइन…
Tulsi Vivah: तुलसी विवाह का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। हर वर्ष कार्तिक मास की एकादशी तिथि के दिन जिसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। उस दिन तुलसी विवाह कराया जाता है। इस बार तुलसी विवाह 12 नवंबर मंगलवार के दिन कराया जाएगा। इस खास मौके पर घर के आंगन में रंगोली की डिजाइन से करें सजावट.
तुलसी विवाह को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस खास मौके पर अगर आप घर के आंगन में रंगोली बनाने जा रहे हैं. देखे कुछ आइडिया …

रंगोली का ये डिजाइन काफी सिंपल और बनाने में भी आसान है. इसमें नीले रंग का गमला बनाया गया है और इसमें वाइट कलर से डिजाइन बनाया गया है. साथ ही इसके येलो वाइट कलर के फूलों से गोला बनाकर उसमें पान के पत्ते रखे गए हैं.

आप रंगोली के इस डिजाइन से भी आइडिया ले सकती हैं. इसमें लाल रंग से एक गोले का आकार बनाकर उसमें तुलसी का पौधा बनाया गया है. साथ ही तुलसी विवाह लिखा है. आस-पास में हरे, पीले और गुलाबी रंग से डिजाइन बनाया गया है.

तुलसी विवाह के लिए रंगोली के इस डिजाइन से भी आइडिया ले सकती हैं. इसमें तुलसी का पौधा और साथ ही मोर पंख बनाया गया है. दोनों में शादी का गठबंधन दिखाया गया है. तुलसी के पौधे पर मंगलसूत्र का डिजाइन बनाया गया है. साथ इसे सजाने के लिए दीयों का उपयोग किया गया है.

रंगोली का ये डिजाइन तुलसी विवाह के लिए बेस्ट रहेगा. इसमें तरह-तरह के रंगो से तुलसी का पौधा बनाया गया है. इसके बाद बांसुरी और मोर पंख बनाए गए हैं. इसके अलावा विवाह का गठबंधन दिखाया गया है. आप भी इस रंगोली डिजाइन से आइडिया ले सकती हैं.

रंगोली का ये डिजाइन बहुत ही सुंदर और युनिक है. इसमें साड़ी की डिज़ाइन बनाई गई है. इसके अलावा तुलसी के पत्ते और मोर पंख बनाए गए हैं. साथ ही सजाने के लिए दीये लगाया गए हैं. आप भी तुलसी विवाह पर रंगोली का ये डिजाइन घर के आंगन में बना सकते हैं.
तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तो तुलसी विवाह का आयोजन द्वादशी तिथि में होना चाहिए। ऐसे में इस बार 12 नवंबर को शाम के समय द्वादशी तिथि लग जाएगी। इसलिए आप 12 और 13 नवंबर कभी भी तुलसी विवाह करा सकते हैं। 12 नवंबर मंगलवार शाम के समय द्वादशी तिथि 4 बजकर 6 मिनट पर आरंभ हो जाएगी। ऐसे में तुलसी विवाह आप शाम में इस समय के बाद कर सकते हैं। जबकि 13 नवंबर को द्वादशी तिथि दोपहर में 1 बजकर 2 मिनट तक ही रहेगी। ऐसे में जो लोग 13 नवंबर को तुलसी विवाह करना चाहते हैं उन्हें इस समय से पहले पहले तुलसी विवाह कराना होगा।
तुलसी विवाह पूजन सामग्री
- तुलसी का पौधा
- शालिग्राम जी
- कलश
- पानी वाला नारियल
- पूजा के लिए लकड़ी की चौकी
- लाल रंग का कपड़ा
- 16 श्रृंगार की सामग्री (जैसे चूड़ियां, बिछिया, पायल, सिंदूर, मेहंदी, कागज, कजरा, हार, आदि)
- फल और सब्जियां (आंवला, शकरकंद, सिंघाड़ा, सीताफल, अनार, मूली, अमरूद आदि)
- हल्दी की गांठ
- पूजन सामग्री (जैसे कपूर, धूप, आम की लकड़ियां, चंदन आदि।)
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. Live new india इसकी पुष्टि नहीं करता है.





