सोनम वांगचुक की सेहत पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बेहद खराब है। 17 दिनों के अनशन में उनका 8.5 किलो वजन कम हो गया है। उन्हें बचाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित पेपर लीक और शिक्षा के क्षेत्र में दूसरी अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन को रुकवाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर कल यानि 16 जुलाई को सुनवाई करने का आदेश दिया।

2 दिन में जा सकती है जान

यह जनहित याचिका वकील और सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार सैनी ने दायर की है। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश देने की मांग की गई है ताकि सोनम वांगचुक को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिल सके। 8 जून से शुरू हुए अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनकी सेहत लगातार गिर रही है। याचिका में चेतावनी दी गई है कि यदि उनका अनशन तुरंत नहीं रुकवाया गया, तो अगले दो दिनों में उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।

क्यों भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  1. कथित नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो।

  2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

  3. देश की शिक्षा व्यवस्था में तत्काल बड़े और व्यापक सुधार किए जाएं।

  4. पेपर लीक के कारण प्रभावित हुए लाखों छात्रों और उनके परिवारों को न्याय मिले।

हिलने-डुलने में भी हो रही है परेशानी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में वांगचुक बेहद कमजोर दिखाई दे रहे हैं। वह जंतर-मंतर पर एक गद्दे पर लेटे हुए हैं और डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि वांगचुक की शारीरिक स्थिति बहुत चिंताजनक है। जब भी वे उठने या बैठने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें तेज चक्कर आते हैं। यहां तक कि उन्हें वॉशरूम जाने के लिए भी दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ रही है।

सोनम वांगचुक के अनशन को रुकवाने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी,16 जुलाई को सुनवाई करने का आदेश दिया है।

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