
अर्श से फर्श पर गिरी IAS पूजा खेडकर… रद्द हुई उम्मीदवारी, भविष्य में नहीं दे पाएंगी कोई एग्जाम
UPSC Debarred Puja Khedkar: भारत में आईएएस (IAS) की बहुत बड़ी प्रतिष्ठा है। यह सेवा इतनी महत्वपूर्ण मानी जाती है कि इसके लिए लोग कठिन परिश्रम कर कई सालों तक तैयारी करते हैं। युवाओं का सपना होता है कि वे आईएएस बनकर पावर हासिल करें। महाराष्ट्र कैडर की विवादित ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेड़कर के प्रोविजनल कैंडिडेचर कैंसिल कर दिया है।
कमीशन ने यह कदम खेडकर के सिविल सर्विसेज एग्जाम 2022 के एप्लीकेशन में अनियमितताओं को देखते हुए उठाया है। इसके साथ पूजा खेडकर को यूपीएससी की ओर से आयोजित कराई जाने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानी कि अब पूजा खेडकर यूपीएससी का कोई भी एग्जाम नहीं दे सकेंगी।
यूपीएससी ने 30 जुलाई तक दिया था समय
बयान में कहा गया है कि खेडकर को 25 जुलाई तक नोटिस का जवाब देना था, लेकिन उन्होंने 4 अगस्त तक का समय मांगा. यूपीएससी ने उन्हें 30 जुलाई तक का समय दिया और स्पष्ट किया कि यह “अंतिम अवसर” था। और “समय में कोई और विस्तार” की अनुमति नहीं दी जाएगी. पैनल की तरफ से यह भी बताया गया कि अगर समय सीमा तक कोई जवाब नहीं मिला तो यूपीएससी कार्रवाई करेगी. पैनल ने बयान में कहा, “उन्हें समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद, वह निर्धारित समय के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं.”
खंगाले गए 15 साल के रिकॉर्ड
पूजा खेडकर मामले की जांच के लिए यूपीएससी ने पिछले 15 साल के डेटा की समीक्षा की. इसके बाद सामने आया कि खेडकर का इकलौता केस था जिसमें यह पता नहीं लगाया जा सका कि खेडकर ने कितनी बार यूपीएससी का एग्जाम दिया.क्योंकि उन्होंने हर बार न केवल अपना नाम बल्कि अपने माता-पिता का नाम भी बदल लिया था.अब भविष्य में ऐसा न हो सके. इसके लिए यूपीएससी एसओपी को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है.
आईएएस पूजा खेडकर पर कौन-कौन से हैं आरोप?
- अनुचित मांगें: पूजा खेडकर ने ट्रेनिंग के दौरान सरकारी आवास, स्टाफ, गाड़ी, और ऑफिस में अलग केबिन की मांग की।
- गैरकानूनी बत्तियां और Logo: उन्होंने अपनी निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का लोगो लगाकर अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया।
- दबाव बनाना: पूजा खेडकर ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक ट्रांसपोर्टर को छोड़ने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी पर दबाव डाला।
- फेक सर्टिफिकेट का इस्तेमाल: उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने आईएएस बनने के लिए फेक सर्टिफिकेट का उपयोग किया। उन्होंने यूपीएससी फॉर्म में खुद को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर का दावेदार बताया।
- महंगी संपत्ति: पूजा खेडकर पर यह आरोप भी है कि उनकी पारिवारिक संपत्ति करोड़ों में है और खुद भी करीब 17 करोड़ की मालकिन हैं। उनके पास 17 लाख रुपये की घड़ी भी बताई जा रही है।
- विकलांगता का झूठा दावा: पूजा खेडकर ने विकलांगता श्रेणी के तहत यूपीएससी फॉर्म भरा था और दावा किया था कि वह 40% दृष्टिबाधित हैं और मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि, मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाए जाने पर वह कभी नहीं आईं।
- एमबीबीएस कॉलेज में हेरफेर: पूजा ने एमबीबीएस कॉलेज में दाखिले के समय डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर किया। 2011 या 2012 में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के समय उनके पिता सेवा में थे।
रद्द हुई खेडकर उम्मीदवारी
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बड़ा कदम उठाया है। यूपीएससी ने Pooja Khedkar के भविष्य में किसी भी परीक्षा या चयन में भाग लेने पर रोक लगा दी है। यूपीएससी ने आईएएस पूजा खेडकर के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उनकी CSE-2022 की उम्मीदवारी को भी रद्द कर दिया है। आयोग ने पुष्टि की है कि पूजा खेडकर ने CSE-2022 के नियमों का उल्लंघन किया है।
कैसे लाइमलाइट में आईं पूजा खेडकर
दरअसल, पूजा खेडकर अपने शौक और सुविधाओं के लिए चर्चा में आई थीं. पूजा खेडकर पर आरोप लगाया गया कि प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने उन सुविधाओं की मांग की, जिनकी वे हकदार नहीं थीं. इसके अलावा उन पर एक वरिष्ठ अधिकारी के चैंबर पर कब्जा करने का भी आरोप है. बताया गया है कि पूजा खेडकर ने अपनी निजी ऑडी कार में लाल बत्ती और ‘महाराष्ट्र सरकार’ के प्लेट लगवाई.
इसके बाद मामले की जांच की गई तो पता चला कि उन्होंने यूपीएससी में सेलेक्शन पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया था. इसके बाद उनपर जांच बैठ गई. उनका ट्रांसफर कर दिया गया. माता-पिता पर भी कई आरोप लगे. पूजा की मां का पिस्टल लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था.





