अर्ली मेनोपॉज की स्थिति में जरूर रखें ये सावधानी, वर्ना हो सकती है दिक्कत

अगर 40 की उम्र से पहले मेनोपॉज (माहवारी बंद होना) हो तो हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जाती है। हालांकि इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। जिनके परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर हो, उन्हें यह थेरेपी नहीं दी जाती है।

अर्ली मेनोपॉज के बाद हार्ट डिजीज़ की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए लाइफस्टाइल को सक्रिय रखना जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखें, नियमित सैर व व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें, ताजे फल व सब्जियों का सेवन ज्यादा करें और कार्ब कम करें।

बॉडी में विटामिन डी का लेवल सही रखें। इसके लिए सुबह 11 बजे से पहले और शाम को 4 बजे के बाद की धूप में रहना अच्छा है। कम से कम 15 मिनट धूप में रहें। वैसे यह सीमा अलग-अलग जलवायु के अनुसार अलग हो सकती है। भारत में सुबह 8 से 10 बजे की धूप विटामिन डी की अच्छी स्त्रोत होती है।

दिन में 2-3 सर्विंग कैल्शियमयुक्त डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। विटामिन जी की कमी हो तो इसके सप्लीमेंट्स लेने जरूरी हैं। मसल स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज और नियमित पैदल चलना जरूरी है। बॉडी को एक्टिव रखें किसी न किसी तरीके से।

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