Budget 2022: किसानों को बड़ी सौगात, 2023 मोटा अनाज वर्ष घोषित

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश किए गए केन्द्रीय बजट में किसानों को मोदी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। साल 2023 को सरकार ने मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। सरकार मोटे अनाज उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग पर जोर देगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 44605 करोड़ रुपये की लागत से केन-बेतवा लिंक परियोजना को शुरू करने का ऐलान किया है।

वित्त मंत्री ने किसानों को डिजिटल और हाईटेक सेवाएं देने के लिए PPP मॉडल की शुरुआत करने की घोषणा की। हलांकि पीएम किसान योजना की राशि को लेकर वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा।

तिलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा देश भर में केमिकल फ्री नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएदा। गंगा के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में इसके पहले चरण की शुरुआत की जाएगी।

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि समावेशी विकास सरकार की प्राथमिकता है जिसमें धान, खरीफ और रबी फसलों के लिए किसान शामिल हैं। इसके तहत 1,000 लाख मीट्रिक टन धान की ख़रीद की उम्मीद है।

इससे 1 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। किसानों के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए, राज्य सरकारों और एमएसएमई की भागीदारी के लिए व्यापक पैकेज पेश किया जाएगा।

44,605 ​​करोड़ रुपये के केन-बेतवा लिंक का कार्यान्वयन किसानों और स्थानीय आबादी को सिंचाई, खेती और आजीविका की सुविधा प्रदान करने वाली 9 लाख हेक्टेयर से अधिक किसानों की भूमि की सिंचाई प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

फसल मूल्यांकन, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन, कीटनाशकों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन के उपयोग से कृषि और कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की लहर चलने की उम्मीद है। इसके अलावा हर गांव में 2025 तक ऑप्टिकल फाइबर की सुविधा दी जाएगी।

अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक विकास दर 9.2 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह बजट अगले 25 सालों के लिए ब्लू प्रिंट के तौर पर काम करने वाला है।

इसके अलावा उन्होंने इस बजट के जरिए 60 लाख नौकरियां भी पैदा होने की बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि एलआईसी के आईपीओ पर काम चल रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और चीजों का विनिवेश किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि डिजिटल करेंसी को चालू करने पर विचार किया गया है। इसलिए साल 2022-23 में आरबीआई डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा।

डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देते हुए ऑनलाइन यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसके अलावा छात्रों के लिए 200 पीएम-ई एजुकेशन चैनल चलेंगे। अगले वित्त वर्ष में गरीब तबके के लोगों के लिए 80 लाख नए घर बनाए जाएंगे।

इस साल देश भर में 25 हजार किलोमीटर लंबे हाईवेज तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा 60 किमी लंबे 8 रोपवे भी बनाए जाएंगे। अगले तीन सालों में चलेंगी 400 वंदे भारत ट्रेनें। अगले तीन सालों में इन ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा 100 पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स का विकास किया जाएगा।

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