LokSabha Election 2024: संजय निरुपम का कांग्रेस पर बड़ा हमला, पार्टी में है पाँच पावर सेंटर

लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस को छोड़ने वाले संजय निरुपम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मैंने कल एक घोषणा की और मल्लिकार्जुन खरगे जी को अपना इस्तीफा भेज दिया। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखरी हुई पार्टी है और पार्टी के नेताओं ने भी कहा है कि इसकी विचारधारा दिशाहीन है।

Image credit-social media platform

लोकसभा चुनाव प्रचार के बीच कांग्रेस छोड़ने वाले महाराष्ट्र के दिग्गज नेता संजय निरूपम ने गुरुवार को गांधी परिवार पर जबरदस्त हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में पांच पावरसेंटर बन गए हैं। इनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वैचारिक रूप से बिखर गई है और दिशाहीन हो गई है। कांग्रेस पार्टी में इस समय टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा, गांधी के सेक्युलरिज्म को नेहरू ने एडॉप्ट किया और नेहरू की धर्मनिरपेक्षता से धर्म ही गायब है। कांग्रेस पार्टी ने भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।

पहले देखिए संजय ने क्या कुछ कहा…

संजय निरुपम ने कांग्रेस पार्टी से अपने निष्कासन पर कहा, “मैंने कल एक घोषणा की और मल्लिकार्जुन खरगे जी को अपना इस्तीफा भेज दिया. कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखरी हुई पार्टी है और पार्टी के नेताओं ने भी कहा है कि इसकी विचारधारा दिशाहीन है। ”  

इनको बताया कांग्रेस पार्टी का पावर सेंटर

उन्होंने कहा, अब सवाल उठता है कि कांग्रेस ऐसा क्यों कर रही है। दरअसल, कांग्रेस आज बिखरी हुई पार्टी है। वैचारिक तौर पर दिशाहीन तो सब बता ही रहे हैं। पहले एक पावर सेंटर हुआ करता था। बाकी उसके दरबारी होते थे। आज कांग्रेस में पांच पावर सेंटर हैं। आज आपस में टकराव होते रहते हैं और इसी चक्कर में मेरे जैसे आम कार्यकर्ता तकलीफ में रहते हैं।

संजय निरुपम ने कांग्रेस पार्टी से अपने निष्कासन पर कहा, “मैंने कल एक घोषणा की और मल्लिकार्जुन खरगे जी को अपना इस्तीफा भेज दिया। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखरी हुई पार्टी है और पार्टी के नेताओं ने भी कहा है कि इसकी विचारधारा दिशाहीन है। ”

कांग्रेस ने राम को ही नकार दिया था’

संजय निरुपम ने कहा, गांधी जी के सेक्युलरिज्म में किसी धर्म का विरोध नहीं है। इसे नेहरू ने एडॉप्ट किया लेकिन उनके सेक्युलरिज्म में धर्म का ही विरोध है और धीरे-धीरे ये लोगों की नसों में चला गया. लेकिन सारी विचारधाराओं की एक लिमिट होती है और बाद में वो खत्म हो जाती है। कांग्रेस के अंदर धार्मिक होने का विरोध किया जाता है और कांग्रेस धर्म को मानने को तैयार नहीं है। कांग्रेस आलाकमान राम लला विराजमान का ही विरोध करने पर उतर आए। किसी ने आयोजन उत्सव पर सवाल नहीं उठाए. लेकिन कांग्रेस ने इसे बीजेपी का प्रचार बताकर राम के प्रति आस्था को ही नकार दिया।

संजय निरुपम ने कहा, बची-खुची शिवसेना के नेता (उद्धव ठाकरे) दो दिन पहले दिल्ली गए थे और वहां बीजेपी को भ्रष्ट जनता पार्टी कहा था। अगर वो ऐसा सोचते हैं तो फिर भ्रष्टाचारी को हमारी सीट पर टिकट क्यों दिया। उन्होंने कहा, मेरे क्षेत्र से खिचड़ी चोर को उम्मीदवार बना दिया है। बता दें कि उद्धव गुट ने मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार घोषित किया है। ED ने COVID ​​खिचड़ी घोटाले के संबंध में अमोल कीर्तिकर को समन जारी किया है।

Back to top button