
Lucknow News: शिक्षक अभ्यर्थियों ने मायावती के आवास का किया घेराव; पुलिस से तीखी झड़प
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बसपा सुप्रीमो मायावती के आवास का घेराव किया।
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में बहुचर्चित 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण घोटाले और नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को आरक्षित वर्ग के दर्जनों पीड़ित अभ्यर्थियों ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लखनऊ स्थित आवास का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
हाथों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें और तख्तियां लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने 6800 चयनित अभ्यर्थियों की सूची के तहत तत्काल नियुक्ति पत्र देने और सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से मजबूत पैरवी की मांग उठाई।
मायावती से न्याय में हस्तक्षेप की गुहार
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बसपा सुप्रीमो से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, ताकि एक प्रमुख दलित और पिछड़ा वर्ग नेता के रूप में वे विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर उनके हक की आवाज बुलंद कर सकें। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा हम पिछले छह सालों से लगातार सड़कों पर धक्के खा रहे हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाते हुए पूरी सूची को संशोधित कर नियुक्ति देने का आदेश दिया था, लेकिन कानूनी दांव-पेच कारण हमारी नियुक्तियां रुकी हुई हैं। हम चाहते हैं कि बहन जी हमारे इस दलित और पिछड़े वर्ग के मुद्दे पर आगे आएं।
अभ्यर्थियों को जबरन इको गार्डन भेजा
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और महिला पीएसी की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और हटाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
आवास के बाहर काफी देर तक पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। उग्र होते प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस जवानों ने महिला व पुरुष अभ्यर्थियों को जबरन उठाकर और टांगकर पुलिस गाड़ियों में ठूंसना शुरू कर दिया। सभी हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को धरना स्थल ‘इको गार्डन’ ले जाकर छोड़ दिया गया।
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क्या है 69000 शिक्षक भर्ती का पूरा विवाद?
वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। परीक्षा के बाद जारी मेरिट लिस्ट पर आरक्षित वर्ग (OBC और SC) के अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की रिपोर्ट और लंबे आंदोलन के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने 6,800 अभ्यर्थियों की एक अतिरिक्त सूची जारी की थी, लेकिन यह मामला अदालती याचिकाओं में उलझकर रह गया। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है।
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