
वन्दे मातरम विवाद पर ममता का प्रहार… BJP हर चीज़ में राजनीति तलाशती है
Pashchim Bangal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तेज़ बयानबाज़ी और आरोप–प्रत्यारोप के कारण गरमा गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (8 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वन्दे मातरम के केवल एक हिस्से को राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाना “कांग्रेस का मुस्लिम लीग के दबाव में लिया गया फैसला” था। ममता ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे को “अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग” दे रही है।
ममता बनर्जी का पलटवार
कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि वन्दे मातरम के जिस हिस्से को राष्ट्रीय गान के रूप में स्वीकार किया गया था, उसे गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने चिन्हित किया था। उन्होंने कहा,
“BJP को हर बात पर आपत्ति है — कभी गुरुदेव का विरोध, कभी नेताजी सुभाष बोस का। अब वन्दे मातरम को लेकर भी राजनीति की जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह वही पार्टी है जो राष्ट्रनिर्माताओं के प्रति सम्मान की बात करती है, लेकिन व्यवहार में उनकी विरासत पर “हमेशा सवाल उठाती रहती है।”
PM मोदी के आरोप और ममता की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि कांग्रेस ने “मुस्लिम लीग के दबाव में” गान को विभाजित किया था। इसके जवाब में ममता ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना बीजेपी की “पुरानी आदत” है, और यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए उठाया जा रहा है।
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ब्रिगेड ग्राउंड के ‘गीता पाठ’ कार्यक्रम से दूरी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘पांच लाख कंठ से गीता पाठ’ कार्यक्रम में हिस्सा क्यों नहीं लिया। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम “बीजेपी का भेष बदलकर आयोजित किया गया सम्मेलन” था।
उन्होंने कहा,
“अगर कार्यक्रम तटस्थ होता तो मैं जरूर जाती। पर जो लोग लगातार गुरुदेव, नेताजी और राजा राममोहन रॉय का अपमान करते हैं, उनके मंच पर कैसे जाऊं?”
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इंडिगो उड़ान संकट पर केंद्र को घेरा
इंडिगो एयरलाइन की लगातार हो रही उड़ान रद्दियों पर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
“उड़ान संकट से लोग रोज़ परेशान हो रहे हैं। यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय की योजना की कमी का परिणाम है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि यात्रियों को “वैकल्पिक साधन से यात्रा करने” की दी गई सलाह हास्यास्पद है और इससे यह साफ होता है कि केंद्र सरकार आम लोगों की समस्याओं से “पूरी तरह बेखबर” है।
ममता ने यह भी कहा कि यात्रियों को अदालत जाने का पूरा अधिकार है क्योंकि यह संकट सीधी सरकारी असफलता का परिणाम है।
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