हिमाचल की गोद में बसा कुदरत का नगीना है रोमांचक हिल स्टेशन नारकण्डा

नारकंडा

उत्तर भारत के विख्यात पर्यटक व रमणीय स्थलों में से एक है नारकण्डा। हिमाचल प्रदेश में स्थित नारकण्डा शिमला से कार द्वारा लगभग दो घंटे में पहुंचा जा सकता है। नारकण्डा घने देवदारू वन के बीचोंबीच स्थित है।

जिन पर्यटकों को निस्तब्ध पर्वतों में सुंदरता की तलाश हो उनके लिए नारकण्डा एक आदर्श स्थल है। नारकण्डा जाने के लिए पर्यटकों को पहले शिमला फिर यहां से बस द्वारा आगे जाना पड़ता है।

नारकण्डा चोटी समुद्र सतह से 8100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पर्वत शिखर के पास सड़क को जोड़ते दोहरे मार्ग बने हुए हैं। हर मोड़ से घाटी की नैसर्गिक सुंदरता दर्शनीय है।

विस्तृत हिमाच्छादित पर्वत चोटियां नारकण्डा की आभा को चार चांद लगा देती हैं। नारकण्डा की तलहटी पर उत्तर दिशा की ओर से सतलुज नदी प्रवाहित होती है और इसके पिछले क्षेत्र में गिरि पिण्ड हैं।

जिस पर्वत पर नारकण्डा स्थित है उसी के पास जल विभाजक स्थल है जो उत्तर की ओर से सतलुज और गिरि गंगा यमुना की सहायक नदी है। दक्षिण दिशा में गिरि गंगा यमुना में गिरती है। नारकण्डा का यह शांत स्थल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच स्थित है।

नारकण्डा में आवास की सुविधा सीमित है। बस्ती से कुछ दूर हिमाचल पर्यटन होटल है। वैसे हर दृष्टि से लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह अधिक सुविधाजनक है। पहाड़ों की असली सुंदरता देखने का सबसे सही समय है सर्दियों का मौसम।

इस मौसम में पर्वत शिखरों का दृश्य निर्मल हो जाता है, सूरज के झिलमिलाते प्रकाश में नीला आकाश देखते ही बनता है। सूर्य की किरणों का प्रतिबिंब बर्फ पर पड़ता है और बर्फीले पहाड़ों पर इंद्रधनुषी रंग देखे जा सकते हैं। सूर्योदय का दृश्य भी रमणीय होता है।

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