हावड़ा–कामाख्या के बीच दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर, PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

Vande Bharat Sleeper Train Alert: काजीरंगा में 34.5 किलोमीटर लंबा उन्नत कॉरिडोर मौजूदा मुख्य मार्ग का हिस्सा होगा. यह राष्ट्रीय उद्यान और पूर्वी असम को राज्य की राजधानी गुवाहाटी से जोड़ता है. वहीं दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी गुवाहाटी से चलाई जाएंगी, जो लखनऊ और रोहतक से असम को जोड़ेंगी.

Vande Bharat Sleeper Train Alert: रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गुवाहाटी (कामाख्या) और हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री 17 जनवरी को दोपहर करीब 12:45 बजे मालदा पहुंचेंगे। यहां मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ किया जाएगा। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी।

दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी

अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल माध्यम से डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक (हरियाणा) नामक दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने और कलियाबोर में एक जनसभा को संबोधित किए जाने का कार्यक्रम है. पीएम मोदी 20 दिसंबर को दो दिवसीय दौरे पर असम आए थे, जहां उन्होंने गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई की प्रतिमा का अनावरण किया था. उन्हीं के नाम पर हवाई अड्डे का नाम रखा गया है.

प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला भी रखी थी. अपने पिछले दौरे पर मोदी ने गुवाहाटी और नामरूप में जनसभाओं को संबोधित किया, जहां उन्होंने 2026 के असम विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार किया था.

अत्याधुनिक तकनीक से युक्त है वंदे भारत

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. ट्रेन के इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन देखने को मिलेगा, जिससे कोच का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि आकर्षक भी होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि लंबी यात्रा के दौरान थकान कम महसूस हो.

सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो सिग्नल और स्पीड पर लगातार नजर रखता है और दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट की सुविधा भी दी गई है, जिससे यात्री किसी भी आपात स्थिति में सीधे ट्रेन स्टाफ से संपर्क कर सकेंगे.

स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में विशेष इंतजाम किए गए हैं. कोचों में यूवीसी आधारित डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच के भीतर की हवा को फिल्टर कर साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है, जिससे यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सके.

हवा से बात करेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

रफ्तार के मामले में भी यह ट्रेन बेहद खास है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन के दौरान यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं.

यात्रियों को सफर के दौरान प्रीमियम बेडरोल, हाई क्वालिटी कंबल और कैटरिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. अनुमान है कि इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक हो सकता है.

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