
Sonam Wangchuk की पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, NSA के तहत गिरफ्तारी को चुनौती
Sonam Wangchuk: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और नेता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग करते हुए उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
Sonam Wangchuk: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस याचिका में वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी गई है। वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। सोनम वांगचुक की पत्नी ने अपने पति की गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की मांग
लद्दाख बौद्ध संघ (LBA) और अखिल लद्दाख गोंपा संघ (ALGA) ने संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग और अंधाधुंध गोलीबारी की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। मारे गए और गंभीर रूप से घायल लोगों के आश्रितों के लिए पर्याप्त मुआवजा मिले। साथ ही, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की जाए।
पत्नी ने राष्ट्रपति से भी लगाई गुहार
राष्ट्रपति मुर्मू को भेजे 3 पेज के पत्र में अंगमो ने आरोप लगाया कि पिछले 4 सालों से लोगों के हितों के लिए काम करने के कारण उनके पति के खिलाफ जासूसी कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पति की स्थिति के बारे में पूरी तरह से अनजान हैं।
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गीतांजलि ने कहा, ‘हम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई का आग्रह करते हैं। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो अपने देश की तो बात छोड़िए, किसी के लिए भी खतरा नहीं बन सकते। उन्होंने लद्दाख की धरती के वीर सपूतों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। हमारे महान राष्ट्र की रक्षा में भारतीय सेना के साथ एकजुटता से खड़े हैं।’





