
UP News: आयुष्मान योजना में बड़े खेल का खुलासा, एक ही परिवार का कई बार इलाज
UP News: यूपी के बिजनौर में आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही परिवार के लोगों को बार-बार भर्ती करने और बिना जरूरत ICU बुक करने के आरोप में 16 अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
UP News: उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सरकारी धन को चूना लगाने के लिए अस्पतालों ने गजब का खेल रचा। जांच में सामने आया है कि अस्पतालों ने अनुचित लाभ कमाने के लिए एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार अस्पताल में भर्ती दिखाया और बिना किसी ठोस मेडिकल जरूरत के मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर इलाज दर्शाया।
इस मामले में उत्तर प्रदेश की स्टेट नोडल एजेंसी ‘साचीज’ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजनौर जिले के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर शिकंजा कसा है। इन दोषी अस्पतालों से अब 10 गुना तक जुर्माना वसूलने की तैयारी चल रही है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
स्टेट नोडल एजेंसी ‘साचीज’ की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि बिजनौर जिले में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के बिजनौर के 20 अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि क्या अस्पताल सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइंस, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस और स्वास्थ्य की गुणवत्ता के मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
इस तरह किया जा रहा था फर्जीवाड़ा
विशेष टीम ने जब अस्पतालों के दस्तावेजों, मरीजों के रिकॉर्ड, ट्रीटमेंट प्रोसेस और क्लेम फाइल करने की प्रक्रिया की गहन जांच की, तो बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि कई अस्पतालों में एक ही परिवार के लोगों को बार-बार भर्ती दिखाकर क्लेम लिया जा रहा था। इतना ही नहीं, मरीजों की गंभीर हालत न होने पर भी जबरन आईसीयू बेड बुक किए गए और भारी-भरकम बिल सरकार को भेजे गए। कुल 20 में से 16 अस्पतालों में स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस का उल्लंघन पाया गया।
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6 अस्पताल सस्पेंड
गड़बड़ी की विस्तृत समीक्षा के बाद ‘साचीज’ ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 16 अस्पतालों को दोषी पाया गया है, जिनमें से 6 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उनके सरकारी भुगतान पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा बाकी 10 अस्पतालों को गंभीर अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और इन सभी पर वित्तीय हेराफेरी के लिए 10 गुना जुर्माना लगाने की गणना की जा रही है।
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ऑडिट एजेंसी और कोऑर्डिनेटर भी नपे
इस घोटाले में केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले अधिकारी भी लपेटे में आए हैं। विभाग ने इस लापरवाही के लिए संबंधित ऑडिट एजेंसी को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही बिजनौर के जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कार्यक्रम समन्वयक (District Program Coordinator) को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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