15 मौतों वाली इमारत को लेकर मालिक की गुहार, LDA से मांगी सील खोलने की इजाजत…

Lucknow Aliganj Fire: लखनऊ के अलीगंज में 15 लोगों की जान लेने वाले अग्निकांड के बाद संबंधित भवन पर कार्रवाई तेज हो गई है। एलडीए की ओर से बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किए जाने के बाद अब भवन मालिक ने नई मांग रखी है। मालिक की ओर से उनके वकील ने एलडीए के विहित प्राधिकारी के समक्ष आवेदन देकर भवन की सील खोलने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि वह खुद अवैध निर्माण को ध्वस्त कराएंगे।

Lucknow News: अलीगंज अग्निकांड के बाद विवादों में आई बिल्डिंग को लेकर अब नया मोड़ सामने आया है। जिस तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसके ध्वस्तीकरण का आदेश एलडीए पहले ही जारी कर चुका है। अब भवन मालिक की ओर से एलडीए के विहित प्राधिकारी के सामने आवेदन देकर सील खोलने की अनुमति मांगी गई है।

मालिक के वकील ने अपनी मांग में कहा है कि यदि भवन की सील खोलने की अनुमति दी जाती है तो वह स्वयं अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण कराएंगे। इसके लिए उन्होंने एलडीए से अनुमति देने की गुहार लगाई है।

LDA ने जारी किया था ध्वस्तीकरण आदेश
एलडीए के विहित प्राधिकारी ने 10 जुलाई को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित इस भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। प्राधिकरण के मुताबिक, भवन में स्वीकृत मानचित्र और विकास नियमों का उल्लंघन पाया गया। जांच में सामने आया कि भवन को आवासीय उपयोग के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

एलडीए की कार्रवाई के बाद भवन पर ध्वस्तीकरण से जुड़ा नोटिस भी चस्पा किया गया था। प्राधिकरण ने भवन मालिक को नियमानुसार कार्रवाई के लिए समय दिया था।

अब मालिक ने खुद निर्माण गिराने की कही बात
ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भवन मालिक की ओर से वकील ने एलडीए के समक्ष आवेदन दिया है। आवेदन में सील खोलने की मांग करते हुए कहा गया है कि अवैध निर्माण को खुद हटाया जाएगा।

अब इस आवेदन पर एलडीए के विहित प्राधिकारी को फैसला करना है। यदि अनुमति मिलती है तो भवन मालिक की निगरानी में अवैध हिस्से को गिराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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आवासीय भवन में चल रही थीं व्यावसायिक गतिविधियां
एलडीए और जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, भवन को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन इसमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। हादसे के समय इमारत में गेमिंग और एनीमेशन स्टूडियो, पेट स्टोर और वेटरिनरी क्लीनिक जैसी गतिविधियां चल रही थीं।

प्राधिकरण का आरोप है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे से अलग तरीके से किया गया था और विकास नियमों का उल्लंघन हुआ।

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22 जून को हुआ था भीषण अग्निकांड
अलीगंज में 22 जून को हुई भीषण आग की घटना में 15 लोगों की मौत हुई थी और नौ लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद भवन के निर्माण, उसके व्यावसायिक इस्तेमाल और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे।

मामले की जांच में अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और पूर्व के ध्वस्तीकरण आदेश से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई है।

अब सबकी नजर एलडीए के फैसले पर है कि भवन मालिक की सील खोलने की मांग मंजूर होती है या प्राधिकरण खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाता है।

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